कैबिनेट बैठक: ई-सिगरेट का फ्लेवर हुआ फीका, रेलवे कर्मचारियों की दिवाली

कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा प्रभाव 11 लाख से अधिक लोगों को होगा। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक के लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इस साल भी रेलवे कर्मचारियों को बोनस के रूप में दिवाली को तोहफा दिया जाएगा।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में हुई। जिसमें ई-सिगरेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

इसके साथ ही बैठक में 2 बड़े फैसले लिए गए। जिसमें ई-सिगरेट पर बैन के साथ ही मोदी कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली के बोनस की घोषणा भी की गई।

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कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा प्रभाव 11 लाख से अधिक लोगों को होगा। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक के लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इस साल भी रेलवे कर्मचारियों को बोनस के रूप में दिवाली को तोहफा दिया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों को बोनस के रूप में 78 दिन का वेतन दिया जायेगा।

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों दिये जाने वाले इस बोनस से केन्द्र सरकार पर 2024 करोड़ रूपये का भार आएगा।

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वहीं, कैबिनेट ने भारत में ई सिगरेट के उत्पादन, विक्रय, आयात, निर्यात, ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीीब्यूशन समेत कई तरह का प्रतिबंध लगा दिया।

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वित्त मंत्री ने दी जानकारी…

वित्त मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ई-सिगरेट 150 से ज्यादा फ्लेवर्स में मिलती है, ऐसे दिखाया जाता है जैसे इसके माध्यम से सिगरेट छोड़ने में आसानी होती है, जबकि अध्ययन से खुलासा हुआ है कि इससे सिगरेट की आदत को बढ़ावा मिलता है।

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उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट को बैन करने का अध्यादेश पारित किया जाएगा। इसके बाद अध्यादेश को अगर राष्ट्रपति जी मंजूरी मिलती है, तो इसे संसद के अगले सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

ई-सिगरेट…

ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक बैटरी-चालित डिवाइस होती है, जो तम्बाकू या गैर-तम्बाकू पदार्थों की भाप को सांस के साथ भीतर ले जाती है। आमतौर पर सिगरेट, बीड़ी या सिगार जैसे धूम्रपान के लिए प्रयोग किए जाने वाले तम्बाकू उत्पादों के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली ई-सिगरेट तम्बाकू जैसा स्वाद और एहसास देती है, जबकि वास्तव में इसमें कोई धुआं नहीं होता है। ई-सिगरेट एक ट्यूब के आकार में होती है, और इनका बाहरी रूप सिगरेट और सिगार जैसा ही बनाया जाता है।

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नियम तोड़ने पर जुर्माना…

सरकार ने ई-सिगरेट पर पूरी तरह से बैन के अलावा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है। पहली बार गुनाह पर एक साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों है, जबकि बार बार गुनाह करने पर सजा 3 वर्ष होगी या 5 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं।