भूकंप से तुरंत अलर्ट: सबसे पहले हिलेगा गूगल, आपका फोन देगा जानकारी

बीते कई महीनों से लगातार आ रहे भूंकप से लोगों में डर का माहौल बना रहता है। खासतौर से उन जगहों पर जहां अन्य की अपेक्षा बहुत ज्यादा भूंकप आते हैं। लोग भूंकप आने की स्थिति का पता लगाने के लिए न्यूज चैनल, वेबसाइट या फिर ट्विटर पर चेक किया करते हैं।

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भूकंप से तुरंत अलर्ट: सबसे पहले हिलेगा गूगल, आपका फोन देगा जानकारी

नई दिल्ली। बीते कई महीनों से लगातार आ रहे भूंकप से लोगों में डर का माहौल बना रहता है। खासतौर से उन जगहों पर जहां अन्य की अपेक्षा बहुत ज्यादा भूंकप आते हैं। लोग भूंकप आने की स्थिति का पता लगाने के लिए न्यूज चैनल, वेबसाइट या फिर ट्विटर पर चेक किया करते हैं। ऐसे में अब एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल एक नई तैयारी कर रहा है। भूंकप का पहले से पता लगाने के लिए गूगल द्वारा एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए अर्थक्वेक वार्निंग टूल्स ऐड किया जा रहा है। इसमें सैमसंग Galaxy सीरीज के स्मार्टफोन्स सम्मिलित किया जा रहा हैं।

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अर्थक्वेक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम

इस बारे में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने कहा है कि वो एंड्रॉयड डिवाइसेज में अर्थक्वेक अलर्ट्स भेजने के लिए U.S. जियोलॉजिकल सर्वे के साथ मिलकर काम करना शुरू कर रहा है।

ऐसे में अलर्ट भेजने की शुरुआत कैलिफोर्निया से की जाएगी। कैलिफोर्निया में एंड्रॉयड की तरफ से फोन्स के लिए अलर्ट ShakeAlert अर्थक्वेक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के जरिए भेजे जाएंगे।

साथ ही गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, ‘दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हमने सोचा कि एंड्रॉयड डिवाइसेज की मदद ली जा सकती है। भूकंप जैसी स्थिति में लोगों को कुछ सेकेंड पहले अलर्ट भेजकर उन्हें और उनके प्रियजनों को सुरक्षित रहने में मदद की जा सकती है।

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एंड्रॉयड अर्थक्वेक अलर्टिंग सिस्टम

इस बारे में कंपनी ने कहा कि भूकंप आने पर उसे डिटेक्ट करने और अलर्टिंग सिस्टम को एडवांस्ड सिग्नल्स भेजने के लिए एंड्रॉयड फोन्स को मिनी सिस्मोमीटर में बदला जा सकता है। गूगल ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि हम इसे एंड्रॉयड अर्थक्वेक अलर्टिंग सिस्टम कह रहे हैं।

आगे कंपनी ने कहा कि अधिकतर स्मार्टफोन्स छोटे एक्सीलेरोमीटर के साथ आते हैं जो भूकंप को सेंस कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी ने ये भी कहा कि यहां तक कि ये P-वेव डिटेक्ट करने में भी सक्षम हैं। जिससे भूकंप शुरू होने के बाद सबसे पहले वेव होते हैं और ये बाद में आने वाले S-वेव की तुलना में काफी कम डैमेजिंग होते हैं।

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भूकंप जैसे लक्षण

यदि एंड्रायड फोन किसी ऐसी चीज को डिटेक्ट करता है, जिसे भूकंप माना जाए, तो ये तुरंत गूगल के अर्थक्वेक डिटेक्शन सर्वर को एक सिग्नल देगा। इसके साथ में जिस जगह पर भूकंप जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं वहां की लोकेशन भी भेज देगा।

फिर इसके बाद सर्वर बाकी फोन्स से मिली जानकारियों को इकठ्ठा करके ये समझने की कोशिश करेगा कि क्या सही में भूकंप आ रहा है।

इसके साथ ही गूगल ने कहा है कि अगर आपको ऐसा लगे कि आपके आसपास भूकंप आया है। तो अब से आप गूगल सर्च बार में earthquake या earthquake near me के सर्च रिजल्ट के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाएंगें।

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