सावधान पाकिस्तानियों! INS Khanderi याद दिलायेगा छठी का दूध

खास बात यह है कि यह भारतीय नौसेना के उस प्रोजेक्ट 75 का हिस्‍सा है, जिसके तहत मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड फ्रांस के मैसर्स डीसीएनएस के साथ मिलकर छह पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है।

नई दिल्ली: भारत के शौर्य एवं पराक्रम में जल्द ही एक और उपलब्धी जुड़ने वाली है। बता दें कि भारतीय नौसेना को जल्‍द ही आईएनएस खांदेरी की ताकत मिलने वाली है। आईएनएस खांदेरी फ्रांस ऑरिजन की स्‍कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन है।

रक्षा मंत्री होंगे मुख्‍य अतिथि…

बताया जा रहा है कि भारतीय नौसेना में आईएनएस खांदेरी को 28 सितंबर को शामिल किया जाएगा। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्‍य अतिथि होंगे।

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खात बात यह है कि इस पनडुब्‍बी को खांदेरी का नाम मराठा बलों के द्वीपीय किले के नाम पर दिया गया है। इसकी 17वीं सदी के अंत में समुद्र में मराठा बलों का सर्वोच्च अधिकार सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका थी।

प्रोजेक्‍ट 17 A….

बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक युद्ध पोत को भी समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा जा सकता है। यह युद्ध पोत शिवालिक क्‍लास का है और प्रोजेक्‍ट का हिस्‍सा है। प्रोजेक्‍ट 17A के तहत कुल सात युद्ध पोतों का निर्माण होना है।

आपको यहां पर बता दें कि प्रोजेक्‍ट 17A के तहत बन रहे युद्धपोत अत्‍याधुनिक राडार सिस्‍टम से लैस हैं। इनसे ब्रह्मोस और बराक मिसाइल को छोड़ा जा सकता है। इन युद्धपोतों की टॉप स्‍पीड 52 किमी. प्रतिघंटे या 28 नॉट्स है। इन पर दो हेलीकॉप्‍टर [ध्रुव और सीकिंग Mk 42Bs हेलीकॉप्‍टर] उतर सकते हैं।

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प्रोजक्‍ट 75….

बता दें कि INS Khanderi का वजन 1615 टन है। यह सबमरीन इसी श्रेणी की आईएनएस कलावरी के बाद दूसरी पनडुब्‍बी है। आईएनएस कलावरी को दिसंबर 2017 में नौसेना में शामिल किया गया था। आपको यहां पर बता दें कि स्‍कॉर्पियन सबमरीन प्रोग्राम को प्रोजेक्‍ट 75 का नाम दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि यह प्रोग्राम अपने तय समय से करीब पांच साल पीछे चल रहा है। इस पूरे प्रोग्राम पर 25,700 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। आईएनएस खांदेरी के बाद दो और सबमरीन वर्ष 2022-2023 में भारतीय नौसेना में शामिल होंगी।
बताया जा रहा है कि आईएनएस खांदेरी एक साल के बाद भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली है।

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एक नजर में खासीयत….

खास बात यह है कि इस सबमरीन की टॉप स्‍पीड करीब 20 नॉट्स की है। इस सबमरीन की अच्छी बात यह है कि ये दुश्‍मन की निगाह छिपी रह सकती है।

इसके साथ ही यह 1150 फीट की गहराई तक जा सकती है। इसमें EXOCETSM 39 मिसाइल और टारपीडो दागने की सुविधा है। EXOCETSM 39 एंटीशिप मिसाइल है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 50 किमी की है।

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यह हवा में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए बेहद तेज गति से दुश्‍मन पर मार करती है। 655 किग्रा वजनी यह मिसाइल करीब 4.69 मीटर लंबी है। इसके अलावा इसमें 30 एंटी शिप माइंस भी हैं।