लाशों का आशियाना: भगवान रूपी डॉक्टर बना दरिंदा, दफन हुई कई महिलाएं

महाराष्ट्र के सतारा की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। सतारा से आंगनबाड़ी में काम करने वाली एक वर्कर अचानक से गायब हो गई।

Published by Vidushi Mishra Published: June 27, 2020 | 3:18 pm

सतारा : महाराष्ट्र के सतारा की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। सतारा से आंगनबाड़ी में काम करने वाली एक वर्कर अचानक से गायब हो गई। गायब होने पर परिवार के शक करने वाले पर जब पड़ताल की गई तो पुलिस को आगंनवाड़ी वर्कर की ताजा लाश संतोष पाल नाम के एक शख्स के आंगन में गड़ी मिली। हैवानियत की सारी हदें पार कर चुके सनकी संतोष का ये कोई पहला घिनौना काम नहीं था बल्कि वो इससे पहले भी कई जुर्म कर चुका है। ऐसा बताया जा रहा है कि उसने करीब 22 कत्ल किए, हालांकि जुर्म 6 कत्लों का ही अभी तक साबित हो पाया है।

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डॉक्टरों को भगवान स्वरूप मान लेते

अपनी परेशानियों और बीमारियों का इलाज करने के लिए लोग डॉक्टर के पास जाते हैं और उन डॉक्टरों को भगवान स्वरूप मान लेते हैं लेकिन कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं कि लोगों का डॉक्टरों के ऊपर से विश्वास ही उठा जाता है। इसी तरह के डॉक्टर का उदाहरण हैं- डॉ संतोष पाल।

सतारा में होम्योपैथी की डिग्री लिया हुआ ये झोलछाप डॉक्टर महिला मरीजों को अपना शिकार बनाता था। सामने आई जांच में पाया गया कि संतोष खुद को एमबीबीएम बताता था लेकिन उसके पास Electrohomeopathy की डिग्री थी।

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एक इंजेक्शन दे देता

और इसके अलावा वो कई बड़े अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर में काम कर चुका था और सर्जरी के दौरान काम में आने वाले सारे ड्रग्स के बारे में अच्छी तरह से जानता था।

सतारा का डॉक्टर संतोष इलाज के लिए आए मरीजों में से ऐसी महिला मरीजों को छांटता था, जो बेसहारा हैं, मजबूर हैं अकेली रहती हैं या जिनके पास पैसे नहीं होते हैं। इलाज की शुरुआत में ये दरिंदा डॉक्टर उनका विश्वास जीतता और फिर एक दिन इलाज के दौरान एक इंजेक्शन दे देता था।

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न्यूरो मस्कुलर पैरालिटिक ड्रग

डॉक्टर द्वारा दिए गए इस इंजेक्शन में succinylcholine द्रव्य होता था। बता दें, ये एक तरह का न्यूरो मस्कुलर पैरालिटिक ड्रग है। जोकि शरीर के अंदर पहुंचने पर मांसपेशियों को निष्क्रिय कर देता है।

इस इंजेक्शन का असर इतनी जल्दी होता है कि सारी मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं और मरीज की हार्ट अटैक से मौत हो सकती है। इस द्रव्य को वैसे अन्य डॉक्टर एनेस्थीसिया की तरह इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके साथ ही मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है जिससे सांस चलती रहे।

ये बात दरिंदा झोलाछाप डॉक्टर और उसकी प्रेमिका नर्स ही जानते थे और इसी तकनीक का इस्तेमाल मारने के लिए करते थे। हालांकि जांच में ये समाने नहीं आ सका कि सनकी डॉक्टर महिला मरीजों को मारता क्यों था।

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खोजी कुत्तों ने सुराग दिया

गायब हुई महिला की पहली बार जून 2016 में शिकायत पर जांच शुरू हुई। पुलिस इस फर्जी डॉक्टर के फार्म हाउस पहुंची और वहां से खाली हाथ लौटने ही वाली थी कि तभी खोजी कुत्तों ने सुराग दिया।

कुत्ते दरिंदे डॉक्टर के आंगन में एक नारियल के पेड़ के नीचे की तरफ भौंक रहे थे। ऐसे में पुलिस ने नारियल के पेड़ को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया तो वहां गुमशुदा महिला मंगला जेधे की लाश मिली।

इसके बाद पहली बार कातिल डॉक्टर ने चौंकानेवाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने कई मरीजों की हत्याएं की हैं। ये सारी मरीज औरतें थीं। संतोष पाल उन्हें किसी न किसी तरह से बहलाता और फिर नशे का इंजेक्शन देकर मार देता था।

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