महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल, शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी तेज

महाराष्ट्र में मतगणना के बाद से ही सियायी उठापटक साफ देखी जा सकती है, महाराष्ट्र विधानसभा का मतगणना हुए दो दिन का वक्त बीत गया है, लेकिन अभी तक राजनैतिक स्थिती साफ नहीं हो पाई है। इसी बीच खबर आ रही है कि प्रशासन शपथ ग्रहण के संभावित कार्यक्रम पर विचार कर रहा है।

Published by Harsh Pandey Published: October 26, 2019 | 2:57 pm
Modified: October 26, 2019 | 8:51 pm

मुंबई: महाराष्ट्र में मतगणना के बाद से ही सियायी उठापटक साफ देखी जा सकती है, महाराष्ट्र विधानसभा का मतगणना हुए दो दिन का वक्त बीत गया है, लेकिन अभी तक राजनीतिक स्थिती साफ नहीं हो पाई है।

इसी बीच खबर आ रही है कि प्रशासन शपथ ग्रहण के संभावित कार्यक्रम पर विचार कर रहा है, सूत्रों के मुताबिक अगर सरकार बनाने का फॉर्मूला निकल आया तो शपथ ग्रहण समारोह 31 अक्टूबर को हो सकता है।

प्रशासन कर रहा तैयारी…

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प्रशासन मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन पर विचार कर रहा है, खबर ये भी आ रही है कि बीजेपी-शिवसेना के बीच की स्थिती साफ होने के बाद शपथग्रहण की तैयारी शुरू की जाएगी।

सरकार गठन को लेकर हलचल तेज…

हालांकि इसी बीच सरकार गठन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं, खबर ये भी है कि शनिवार यानि आज शिवसेना विधायक दल की बैठक मुंबई में हुई।

इस बैठक में आदित्य ठाकरे को विधायक दल का नेता चुनने की उम्मीद है। बता दें आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र वर्ली में शुक्रवार को आदित्य को भावी मुख्यमंत्री बताते हुए पोस्टर लगे नजर आए थे।

आज हो सकती है बैठक…

वहीं शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे भी सरकार के गठन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओ के साथ एक शनिवार किया है, यह बैठक उनके निवास स्थान मातोश्री पर हुई  है।

50-50 फॉर्मूले पर चर्चा…

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उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक में 50-50 फॉर्मूले पर चर्चा हुई है। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना की तरफ से पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओ को बीजेपी से बात करने के लिए नियुक्त किया जाएगा।

कांग्रेस के संकेत से हलचल तेज…

महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस संकेत दिया कि वह शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे सकती है।

राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा…

राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मीडियाकर्मियों से कहा कि हम से इस पर अब तक शिवसेना से कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि, अगर ऐसा होता है तो हम इस मामले पर निर्णय के लिए पार्टी आलाकमान के समक्ष रखेंगे।

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बता दें इससे एक दिन पहले इसी प्रकार का प्रस्ताव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल व कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद हुसैन दलवी द्वारा दिया गया था, ऐसा शिवसेना के सहयोगी व सत्तारूढ़ बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए आया है।

आदित्य ठाकरे

गौरतलब है कि कांग्रेस, एनसीपी और इसके दूसरे सहयोगियों ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में 117 सीट हासिल किया है। बीजेपी-शिवसेना ने संयुक्त रूप से 161 सीटें हासिल की हैं।

हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को स्पष्ट तौर पर इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया था और दृढ़ता के साथ कहा कि अगली सरकार भाजपा व उसके सहयोगी बनाएंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र में मतगणना के बाद से ही सियायी उठापटक साफ देखी जा सकती है, महाराष्ट्र विधानसभा का मतगणना हुए दो दिन का वक्त बीत गया है, लेकिन अभी तक राजनैतिक स्थिती साफ नहीं हो पाई है।

UPDATE…..

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मुंबई में शिवसेना मुख्यालय में पार्टी के नए विधायकों की बैठक समाप्त हो गई है, इस बैठक में महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 50-50 का फॉर्मूला एक बार फिर से उछला है। इस बार शिवसेना ने सीएम पद को लेकर लिखित आश्वासन मांगा है।

विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा…

शिव सेना के टिकट पर सिल्लोड से जीतने वाले मुस्लिम विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा कि वे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, उन्होंने दावा किया कि बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन के दौरान तय किया था कि राज्य में पहले 2.5 साल शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा, इसके बाद अगले ढाई साल बीजेपी का सीएम होगा।

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अब्दुल सत्तार की ही तरह शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने भी शिवसेना से मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की, सरनाइक ने कहा कि सभी शिवसैनिक शिवसेना से ही मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। चुनाव से पहले 50-50 फार्मूले पर बात हुई थी, अब इस बारे में उद्धव ठाकरे निर्णय करेंगे।

हम बैठक में उनसे मांग करेंगे कि शिवसेना से ही मुख्यमंत्री बनाया जाए, हम आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।