इटली में इस चूक से गई हजारों लोगों की जान, सरकार के फैसले पर उठे सवाल

दुनिया में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों में इटली भी शामिल है मगर अब यहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इस खतरनाक वायरस ने देश में 26 हजार से अधिक लोगों की जान ली है।

Published by Vidushi Mishra Published: April 27, 2020 | 6:45 pm
Modified: April 27, 2020 | 6:49 pm

इटली में इस चूक से गई हजारों लोगों की जान, सरकार के फैसले पर उठे सवाल

नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों में इटली भी शामिल है मगर अब यहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इस खतरनाक वायरस ने देश में 26 हजार से अधिक लोगों की जान ली है और इसके पीछे नेताओं की एक बड़ी चूक को कारण माना जा रहा है। अब इसे लेकर देश में सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य लोंबार्डी को लॉकडाउन करने के फैसले में देरी न की गई होती तो इटली में कोरोना से इतनी भयंकर तबाही न मचती।

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देर से लिया गया तालाबंदी का फैसला

इटली में हालात धीरे-धीरे काबू में आने के बाद अब वहां लॉकडाउन हटाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि लोंबार्डी में तालाबंदी करने के फैसले में काफी देरी की गई और देश को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

माइक्रोबायोलॉजिस्ट एंड्रिया क्रिसांटी का कहना है कि लोंबार्डी ही कोरोना वायरस का सबसे बड़ा केंद्र था और सरकार को वहां शुरू में ही पूरी तरह तालाबंदी करने का फैसला लेना चाहिए था। सब लोगों को घरों के भीतर कैद करके इस वायरस का संक्रमण काफी हद तक रोका जा सकता था।

शुरू हो गया आरोप-प्रत्यारोप का दौर

लोंबार्डी में तालाबंदी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।। प्रधानमंत्री जिजेज्पी कौंटे का कहना है कि लोंबार्डी की क्षेत्रीय सरकार भी लॉकडाउन के बारे में खुद अपने स्तर पर फैसला ले सकती थी।

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मगर उसने फैसला लेने में देरी की। उधर लोंबार्डी के गवर्नर एटिलियो फांटेना का कहना है कि अगर कोई गलती हुई है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र व राज्य सरकार दोनों की है। सिर्फ हमें ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

लोंबार्डी में हुई 13000 लोगों की मौत

दरअसल इटली में कोरोना के संक्रमण की शुरुआत लोंबार्डी से ही हुई थी। इस राज्य के लोदी जिले में देश में कोरोना के संक्रमण का पहला केस 21 फरवरी को दर्ज किया गया था।

बाद में कोरोना के प्रति लापरवाही बरतने और सटीक इलाज के अभाव के कारण यह राज्य इटली का वुहान बन गया। कोरोना के चलते राज्य में करीब साढे़ 13000 लोगों की मौत हुई है।

इस बीच अभियोजन अधिकारी ऐसे अफसरों की तलाश करने में भी जुट जुटे हुए हैं जिनके कारण कोरोना बेकाबू हो गया और इतनी ज्यादा संख्या में लोगों की मौत हुई।

 

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संक्रमण की रफ्तार से रहे अनजान

लोंबार्डी के एक प्रसिद्ध डॉक्टर मौरीजियो मारविसी का कहना है की सही बात तो यह है कि हम कोरोना वायरस को समझ ही नहीं पाए। हम उसके संक्रमण की रफ्तार से भी पूरी तरह अनजान रहे।

राज्य में कोरोना का संक्रमण इतनी तेजी से फैला कि सभी अस्पताल और नर्सिंग होम मरीजों से भर गए। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि गैर अनुभवी निजी डॉक्टरों ने इस बीमारी के इलाज का जिम्मा संभाल लिया।

आईसीयू की संख्या कम होने से ज्यादा मौतें

माना जा रहा है कि जांच के साथ ही सही इलाज की कमी और आईसीयू की संख्या कम होने के कारण इतनी ज्यादा संख्या में लोगों की मौत हुई।

विशेषज्ञों का कहना है कि लोंबार्डी में इस वायरस के संक्रमण के शुरुआती दिनों में ही यदि सरकार ने सतर्कता बरती होती थी यह घातक वायरस बेकाबू न हो पाता और देश के अन्य राज्यों में भी इतनी तेजी से संक्रमण न फैल पाता।

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रिपोर्ट- अंशुमान तिवारी