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कोरोना वायरस: घर में रहकर भी नहीं रखा इन बातों का ध्यान, तो हो सकता है संक्रमण

इस समय हमारा घर के अंदर कैसा रहन-सहन हो, इसके लिए तमाम यूनिवर्सिटी और डब्ल्यूएचओ ने भी कई बातें बताई हैं। घर के बाहर ही नहीं, अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। इसके अलावा लोगों के रहन-सहन और बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर कई अहम बातें हैं। आइए जानते हैं-

Ashiki

AshikiBy Ashiki

Published on 22 April 2020 7:54 AM GMT

कोरोना वायरस: घर में रहकर भी नहीं रखा इन बातों का ध्यान, तो हो सकता है संक्रमण
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नई दिल्ली: इस समय हमारा घर के अंदर कैसा रहन-सहन हो, इसके लिए तमाम यूनिवर्सिटी और डब्ल्यूएचओ ने भी कई बातें बताई हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के सेंटर फॉर इन्फेक्सियस डिसीज एंड रिसर्च के प्रोफेसर माइकल ओस्टहोल्म ने सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कुछ बातें साफ तौर पर बताई हैं। उनका कहना है कि घर के बाहर ही नहीं, अंदर भी सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। इसके अलावा लोगों के रहन-सहन और बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर दूसरी यूनिवर्सिटीज ने भी कई अहम बातें बताई हैं। आइए जानते हैं-

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घर के अंदर कैसे रहें

घर में एक-दूसरे से सामान्य दूरी जरूर बनाकर रखें

प्रोफेसर माइकल के अनुसार, घर में कई लोग हों या सिर्फ दो लोग ही हों तब भी हमें एक-दूसरे से दूरी बना कर रहना चाहिए। भले ही किसी को कोई बीमारी न हो लेकिन हमें एक-दूसरे के पास आने से बचना होगा। कई मामलों में ये बात सामने आई है कि बिना किसी लक्षण के भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए जरूरी है कि हम बाहर निकलें तो बहुत ही सतर्क रहें।

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चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले

कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से पहले हाथ अच्छी तरह धो-पोंछ लें

अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑपथैलमोलॉजी के डॉक्टर थॉमस स्टेनमैन के मुताबिक, अगर कोई कॉन्टैक्ट लेंस लगाता है तो उसे इस समय खास सावधानी की जरूरत है। इन लेंसों का उपयोग करने वाले लोग अपना चेहरा तो छूते ही हैं, साथ ही आंखें भी अच्छी तरह से छू जाती हैं। इससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले लगाने से पहले अपने हाथ अच्छे से साफ कर लें। वहीं, चश्मा पहनने वाले थोड़े सुरक्षित हैं लेकिन उन्हें भी चश्मे का शीशा हमेशा एक फिक्स टाइम पर साफ करते रहना चाहिए और चश्मा पहनने से पहले तो जरूर ही साफ करें।

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बच्चों के साथ ये न करें

बच्चों को किसी तरह के केमिकल से नहलाने के बजाय सामान्य साबुन से ही नहलाएं

डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर माइक रियान कहते हैं कि बहुत जगह देखने को मिल रहा है कि टनल और दूसरे तरीकों से बच्चों को डिसइन्फेक्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जो कि ये तरीके सिर्फ शरीर की ऊपरी सतह को ही डिसइन्फेक्ट कर सकते हैं। और तो और इनमें एथेनॉल, ब्लीच, क्लोरोफॉर्म के साथ दूसरे हानिकारक केमिकल त्वचा और आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए ऐसा करने से बचें। उनके हाथ ही धुलाते रहें और सामान्य साबुन से ही नहलाएं।

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इस बात का खास ख्याल रखें

अफवाहों को नजर अंदाज करें और सरकार के निर्देशों का पालन करें

अब जब लगभग सभी लोग घरों में हैं और बाहरी दुनिया को अपनी आंखों से नहीं देख पा रहें हैं। तो ऐसे में अफवाहों का बाजार गर्म है। तमाम तरह की अफवाहें आप तक पहुंच रही होंगी। उन पर ध्यान देने की कतई जरूरत नहीं है। आप केवल घर में रहें और परिवार वालों के बीच रहकर थोड़ा खुशी का माहौल बनाएं। आपको चाहिए कि सरकार के निर्देशों के पालन के साथ स्थानीय प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी जानकारी के लिए भारत सरकार और डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर दिए गए तथ्यों पर ही ध्यान दें।

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