काम की बात: अगर है डायबीटीज तो न लें टेंशन, जानें ये जरुरी बातें

सही लाइफस्टाइल और खान-पान के जरिए आप डायबीटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। वैसे तो अब डायबीटीज के लिए तरह-तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। लेकिन दवाइयों और इलाज के साथ-साथ आपको परहेज करने की भी जरुरत है।

World Diabetes Day: आज वर्ल्ड डायबीटीज डे है। दुनियाभर में ऐसे कई लोग हैं, जो डायबीटीज का शिकार हैं। इंटरनेशनल डायबीटीज फेडरेशन के मुताबिक, दुनियाभर में इस समय लगभग 42.5 करोड़ की आबादी इसका शिकार हैं। ये बीमारी तेजी से फैल रही है। शहर हो या गांव आपको हर जगह डायबीटीज के मरीज मिल जाएंगे। हालांकि सही लाइफस्टाइल और खान-पान के जरिए आप डायबीटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। वैसे तो अब डायबीटीज के लिए तरह-तरह के ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। लेकिन दवाइयों और इलाज के साथ-साथ आपको परहेज करने की भी जरुरत है। आइए आज के दिन सबसे पहले आपको बताते हैं कि डायबीटीज कैसे होता है।

कैसे होता है डायबीटीज

हमारे शरीर में पेन्क्रियाज में मौजूद इंसुलिन, खाने में मौजूद ग्लूकोज को सेल्स के जरिए अब्जॉर्ब करने में मदद करता है। जिससे इसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए किया जा सके और जब इसी इंसुलिन का स्तर घटने लगता है तो इससे खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। जो डायबीटीज का रुप ले लेता है।

क्या हैं लक्षण

डायबीटीज में बार-बार पेशाब आता है और खासकर जब रात होती है तो।

पेशाब करने के बाद, पेशाब में चीटियों का जमा हो जाना

इसमें बार-बार प्यास लगती है और मुंह में चिपचिपापन बना रहता है।

इस दौरान पसीने में बदबू ज्यादा आता है।

फोड़े-फुंसियों का ज्यादा होना और साथ ही घाव का जल्दी न भरना

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डायबीटीज के प्रकार

डायबीटीज दो तरह की होता है- टाइप 1 और टाइप 2। टाइप 1, तब होता है जब बचपन में इंसुलिन हॉर्मोन का बनने बंद हो जाते हैं। इस डायबीटीज में बढ़ते ब्लड शुगर को नियंत्रण करने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। वहीं टाइप 2, आमतौर पर गलत लाइफस्टाइल, बढ़ते वजन और बढ़ती उम्र में होता है। इस तरह के डायबीटीज में शरीर में इंसुलिन बनना कम हो जाता है।

आंकड़ों ये बताते हैं कि, डायबीटीज के ज्यादातर मरीज टाइप 2 डायबीटीज का ही शिकार हैं। अगर भारत की बात करें तो यहां करीब 10 लाख लोग टाइप-2 डायबीटीज से ही पीड़ित हैं। भारत में अभी डायबीटीज से पीड़ित 25 वर्ष से कम उम्र के हर 4 लोगों में से 1 टाइप 2 डायबीटीज का शिकार है।

इन लोगों को ज्यादा खतरा-

अधिक वजन और हाई ब्लड प्रेशर होने पर व्यक्ति जल्दी डायबीटीज का शिकार हो सकता है।

शरीर में कलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होने पर भी डायबीटीज का खतरा बना रहता है।

इसके अलावा दिल के मरीजों और 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को डायबीटीज का खतरा अधिक बना रहता है।

आयुर्वेद के मुताबिक, उल्टी-सीधी चीजों का सेवन करने, आलस भरे जीवन से डायबीटीज हो सकता है। इसके अलावा नया अनाज ज्यादा खाने, दही का ज्यादा सेवन करने और मीठी चीजों का सेवन करने से लोग डायबीटीज का शिकार हो सकते हैं।

साथ ही गलत लाइफस्टाइल, खराब खान-पान व आदत, मोटापा और हॉर्मोन्स का असंतुलन होना डायबीटीज का बड़ा कारण हो सकता है।

अगर इन सब चीजों पर संतुलन बना लिया जाए तो डायबीटीज के खतरे को कम किया जा सकता है।

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ये फल हैं मरीजों के लिए लाभकारी

डायबीटीज के मरीजों को शुगर लेवल मेनटेन करने के लिए खानपान में ध्यान देना अति आवश्यक होता है। इसके मरीजों को कई तरह की सावधानी बरतनी पड़ती है। लेकिन कभी-कभी मरीजों को मीठे के लिए क्रेविंग्स होती है, जो कि लाजमी भी है और इस क्रेविंग को कम करने के लिए आप फलों का सहारा जरुर लेते होंगे। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि कौन से फल आपके लिए सुरक्षित होते हैं।

चेरी- एक कप में 18 ग्राम शुगर होती है। तो ऐसे में आप मीठी चेरी के बजाय खट्टी चेरी का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि उसका नैचरल शुगर लेवल कम होता है।

स्ट्रॉबेरी- स्ट्रॉबेरी वैसे तो मीठी होती है, लेकिन जीआई इंडेक्स 25 होता है, जो डायबीटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित होता है। साथ ही ये बैड कलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी मदद करती है।

नाशपाती- नाशपाती में विटमिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होता है। साथ ही ये ऐंटीऑक्सिडेंट भी होता है। इसमें फाइबर भी अच्छे मात्रा में होता है जो पेट को देर तक भरा रखने के साथ ही धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर लेवल को मेनटेन रखता है।

संतरा- संतरा विटामिन सी का एक अच्छा स्त्रोत है और इसका जीआई इंडेक्स भी कम होता है। संतरे में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने और शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

आड़ू- आड़ू में विटमिन ए-सी, पोटैशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है। वैसे तो ये डायबीटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित है, लेकिन मरीजों के लिए इसे सीमित मात्रा में ही खाना उचित रहेगा।

अमरूद- अमरूद को डायबीटीज के इलाज में अत्यधिक सहायक माना जाता है। इसमें डायटरी फाइबर अत्यधिक मात्रा में होता है, जो कब्ज को दूर करने में मदद करता है। इसके मरीजों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है।

एक अध्ययन के अनुसार, अमरूद का ग्लाइसिमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जिसकी वजह से यह डायबीटीज के मरीजों के लिए एकदम फायदेमंद है।

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इन चीजों को खाने से बर्ते सावधानी

पैकेज्ड फूड- मरीजों को पैकेज्ड फूड जैसे चिप्स, कुकीज, पीनट बटर जैसी चीजों को खाने से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर में शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं।

सूखे फल और ड्राई फ्रूट्स- इनमें मौजूद शुगर हाई कॉर्बोहाइड्रेट की मात्रा के कारण डिस्टर्ब हो जाता है। इसलिए सूखे हुए, पुराने फल खाने की बजाए फ्रेश और सिजनल फ्रूट खाने चाहिए।

दाल, रोटी, चावल, सब्जी और सलाद- इसके जगह आप रोटी, सब्जी, सलाद, एग वाइट या स्किम पनीर ले सकते हैं। सब्जियों में आलू, मटर, और कॉर्न का इस्तेमाल न करें।

डायबीटीज के मरीजों को बीफ, सामन जैसे खाद्य पदार्थों को खाने से भी बचना चाहिए। इनमें सैचरेटेड फैट काफी मात्रा में पाया जाता है। जो कलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ाता है। साथ ही इसके सेवन से डायबीटीज के मरीजों को दिल से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं।

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डायबीटीज से बचने के लिए करें ये उपाय

डायबीटीज से बचने के लिए रोजाना एक्सर्साइज करें और वजन को कंट्रोल में रखें।

धूम्रपान और शराब का सेवन न करें और आलू, अरबी व शकरकंद जैसी चीजों का सेवन बिल्कुल भी न करें।

बरतें सतर्कता, डायबीटीज रहेगी दूर

ऐसे खाने का सेवन करें, जिसमें कैलरी कम हों। तीन टाइम का खाना खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके 6-7 बार खाएं।

टेंशन को दूर रखें व भरपूर नींद लें। इसके अलावा रेग्युलर हेल्थ चेकअप भी करवाते रहें।

सामान्य आटे की रोटियां खाने के बजाय जौ, चना और गेंहूं एक साथ पिसवा लें और उस आटे की रोटियां खाएं।

बासी रोटी खाने से भी डायबीटीज कंट्रोल में रहता है।

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