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देश के 10 कोरोना हॉटस्पॉट्स, जहां लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के मरीज

कोरोना वायरस को रोकने के लिए घोषित तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का आज पहला सप्ताह पूरा हो रहा है। लेकिन कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 31 March 2020 6:31 AM GMT

देश के 10 कोरोना हॉटस्पॉट्स, जहां लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के मरीज
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का आज पहला सप्ताह पूरा हो रहा है। लेकिन कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर केरल से कासरगोड़ तक, देश में कोरोना संक्रमण के कई हॉटस्पॉट बन रहे हैं।

जहां मरीजों की संख्या में शेष भारत से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि केंद्र सरकार अब कोरोना के देश में 10 हॉटस्पॉट्स पर विशेष ध्यान देने जा रही है। आइए जानते हैं, कौन से हैं वो 10 हॉटस्पॉट्स और क्या है सरकार की रणनीति.

दिल्ली समेत इन राज्यों में 2-2 हॉटस्पॉट्स

दिल्ली (दिलशाद गार्डन और निजामुद्दीन) समेत जिन प्रदेशों में दो-दो कोरोना हॉटस्पॉट्स पाए गए हैं, उनमें केरल (कासरगोड़ और पथनामथिट्टा), उत्तर प्रदेश (नोएडा और मेरठ) और महाराष्ट्र (मुंबई और पुणे) शामिल हैं। वहीं, राजस्थान और गुजरात में एक-एक शहर (क्रमशः भिलवाड़ा और अहमदाबाद) को कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है।

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दिल्ली के दिलशाद गार्डन चिंता के सबब तो थे ही, अब निजामुद्दीन भी कोरोना हॉटस्पॉट में शामिल हो गया है जहां मुस्लिम समुदाय के तबलिगी जमात की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम की वजह से बड़े पैमाने पर संक्रमण के फैलने की आशंका जताई जा रही है।

ऐसे बन जाते हैं क्लस्टर और हॉटस्पॉट्स

दिल्ली में आयोजित जमात के कार्यक्रम में शामिल 11 लोगों में तो संक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है। इस क्रार्यक्रम में इंडोनेशिया और मलेशिया से लौटे लोगों ने शिरकत की थी। उधर, दिलशाद गार्डन में सऊदी अरब से लौटी एक महिला ने मोहल्ला क्लीनिक को संक्रमित किया। फिर डॉक्टर ने करीब 1,000 लोगों का इलाज किया और वे सभी संदेह के घेरे में आ गए।

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एक अंग्रेजी अखबार ने इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के एक सूत्र के हवाले से बताया है कि जिन इलाकों में 10 से ज्यादा मामले सामने आ जाते हैं। उन्हें क्लस्टर माना जाता है और जिन इलाकों में ऐसे कई क्लस्टर बन जाते हैं, उनकी पहचान हॉटस्पॉट्स के रूप में की जाती है।

मुंबई में कई क्लस्टर्स

इस लिहाज से अहमदाबाद को हॉटस्पॉट मानने का तो कोई तुक नहीं बनता है। लेकिन, इसे हॉटस्पॉट्स में इसलिए शामिल किया गया है कि वहां पांच संक्रमित लोगों में तीन की मौत हो चुकी है। यानी, यहां मृत्यु दर 50% से भी ज्यादा है। वैसे कोविड-19 मरीजों की 3% मृत्यु दर को सामान्य माना जाता है। अधिकारियों की मानें तो मुंबई में कई क्लस्टर्स उभर चुके हैं।

एक रिटायर्ड यूरोलॉजिस्ट की मौत हो गई और उनका संक्रमित बेटा कई लोगों के संपर्क में आया। वहां, एक मरीज के कोविड-19 पीड़ित होने के बाद कुछ डॉक्टरों और अन्य हॉस्पिटल स्टाफ को क्वारेंटाइन में रखा गया है। यहां की कई मलिन बस्तियों में भी कई क्लस्टर्स उभरे हैं जहां सोशल डिस्टैंसिंग संभव नहीं हो पा रहा है।

सीएम योगी ने लगाई फटकार

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दुबई से आया एक व्यक्ति पब्लिक ट्रांसपोर्ट से मेरठ में अपने ससुराल गया। वह अपने परिवार के साथ रहने के साथ-साथ अपने पड़ोसियों से भी मिलता-जुलता रहा। अब सिर्फ वही नहीं, उसके पूरे परिवार पर संक्रमण फैलाने का संदेह है। वहीं, नोएडा में संक्रमण में तेजी आने का नतीजा डीएम बीएन सिंह को को भुगतना पड़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की मीटिंग में उन्हें जमकर फटकार लगाई और अब उन पर कार्रवाई भी हुई है।

केरल-भिलवाड़ा में चिंता

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केरल के कासरगोड़ में चीन के कोरोना केंद्र वुहान और दुबई से आए लोगों के कारण कोरोना का संक्रमण फैला। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन इस पर चिंता जाहिर करते हुए इस चुनौती से निपटने की पूरी योजना बता चुके हैं। भिलवाड़ा के एक मशहूर निजी अस्पताल के मेडकिल स्टाफ को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इससे जिले के 20 लाख से ज्यादा लोग संदेह के घेरे में आ चुके हैं।

ये है सरकार की रणनीति

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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन हॉटस्पॉट्स में संदिग्धों की जांच में तेजी लाई जाएगी और सैंपल साइज बड़ा दिया जाएगा। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अगरवाल ने सोमवार को कहा था, 'हम कोरोना के उभरते नए केंद्रों का अध्ययन कर रहे हैं। हम इन इलाकों में निगरानी एवं रोकथाम के प्रयासों को तेज करेंगे।' भारत में अब तक 38 हजार से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है।

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