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मनीष श्रीवास्तव लखनऊ: कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाने का खुमार स्वाधीनता दिवस पर उत्तर प्रदेश में भी दिखा। इस साल पिछले साल से अधिक राष्ट्रीय झंडे झंडे के विक्रेता और खरीदार दिखे। वैसे तो ध्वजारोहण के लिए खादी आश्रम के ही राष्ट्रीय झंडे मान्य हैं, लेकिन जब से कांग्रेस नेता नवीन जिंदल …

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में चीन की मांग पर जम्मू कश्मीर मुद्दे को लेकर बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक में चीन और पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। कश्मीर मुद्दे पर रूस भारत के साथ खड़ा हो गया। रूस ने कश्मीर को लेकर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत का समर्थन किया है। 

विदेश मंत्री जयशंकर बिल्कुल ठीक मौके पर चीन पहुंचे। उनके पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन जाकर खाली हाथ लौट चुके थे लेकिन चीन कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तानी दबाव में आकर कोई अप्रिय रवैया अख्तियार न कर ले, इस दृष्टि से जयशंकर की यह यात्रा सफल रही।

मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया है। कांग्रेस समेत देश की कई विपक्षी पार्टियां अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध कर रही हैं। इसके साथ ही कई नेता देश विरोधी बयान दे रहे हैं।

नई दिल्ली। कश्मीर मसले पर दुनिया भर में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान के गृहमंत्रालय की ओर से जारी नोटिफ़िकेशन के अनुसार ईद उल अजहा को कश्मीरियों के प्रति एकजुटता दर्शाने के लिए सादगी से मनाने का आह्वान किया।

अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद कश्मीर के लोगों में भले ही प्रतिक्रियाएं इमरान खान की अपेक्षा के अनुरूप न हुई हों। लेकिन वह भी अपनी आर्थिक तंगी के इस दौर में कश्मीर को लेकर जो प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं, यह भी अपेक्षा के अनुकूल नहीं है।

कश्मीर के सवाल पर भारत को रोज़ ही किसी न किसी राष्ट्र का सीधा या घुमा-फिराकर समर्थन मिलता जा रहा है। अब तो रुस ने भी कह दिया है कि यह भारत का आतंरिक मामला है। पाकिस्तान का एक भी राष्ट्र ने खुलकर समर्थन नहीं किया है। तालिबान ने भी नहीं। अब पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक ही उम्मीद बची है।

कश्मीर ने कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दलों को बड़ी दुविधा में डाल दिया है। इन दलों के कई प्रमुख नेता (कश्मीर के मामले में) खुलकर सरकार का समर्थन कर रहे हैं बल्कि कश्मीर के पूर्व महाराजा और सदरे-रियासत डॉ. कर्णसिंह ने भी अमित शाह के फैसले पर मुहर लगा दी है। मोदी सरकार ने कांग्रेसी सरकारों के अधूरे काम को पूरा किया है।

डॉ. वेदप्रताप वैदिक कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के सवाल को मोदी सरकार ने हमेशा के लिए हल कर दिया है। भाजपा की इस सरकार ने जैसी हिम्मत दिखाई है, वैसी हिम्मत अब तक की कोई भी सरकार नहीं दिखा पाई। यदि इंदिरा सरकार को मैंने 1971 में बांग्लादेश के लिए ‘महाप्रतापी सरकार’ कहा था तो अब 2019 में कश्मीर के लिए मैं मोदी सरकार को भी ‘महाप्रतापी’ ही कहूंगा।

कश्मीर के अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प एक ऐतिहासिक निर्णय है। कश्मीर के रहने वालों के लिए 370 हटाने का निर्णय वहां के लोगों के लिए नया सवेरा लेकर आया है।