Migrant workers

वक्त-वक्त की बात है। कुछ माह पूर्व तक प्रवासी श्रमिकों की महानगरों से अपने गांवों की ओर वापसी का मुद्दा सुर्खियों में था और आज तस्वीर बिल्कुल उलट गई है।

यूपी के हर जिले में कोरोना। हालात यह है कि यूपी के केवल 12 जिले ही ऐसे हैं जिनमे कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या दहाई अंकों में यानी 100 से कम है।

कोराना वायरस संक्रमण के कारण देश भर में लागू लाकडाउन से दूसरे शहरों या राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की अपने प्रदेश या घर वापसी पर मचे हो-हल्ले और राजनीति से आप अच्छी तरह से वाकिफ होंगे।

नेपाल में ओली सरकार के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत से रिश्ते बिगड़ने के बाद अपने ही देश में जनता की नाराजगी का सामना कर रहे पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार अब सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है।

प्रवासी श्रमिकों के आगमन के बाद जहां बाहरी इलाकों में संक्रमण बढ़ रहा था। वहीं 22 मई के बाद से महानगर के भीतर संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

कार्यक्रम में श्रमिक दीपू ग्राम बर्ध विकासखण्ड डकोर से प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार कोरोना संकट से ग्रस्त श्रमिकों के कल्याण के लिए तथा उनको आत्मनिर्भर बनाने हेतु सक्रिय है।

केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकैज से जन-जन की आत्मनिर्भरता तथा सभी की सहभागिता के जनजागरण के लिए भारतीय जनता पार्टी वर्चुअल संवाद कर रही है।

यूपी के उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा हुआ हैा। यहां के औरास थानाक्षेत्र में प्रवासियों से लदालद एक तेज रफ्तार बस पलट गई। बस के पलटने की वजह बस का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है।

व्यक्तिगत जरूरतों के लिए मजदूरों ने साहूकारो और बैंक दोनों से कर्ज ले रखा है।64 प्रतिशत प्रवासीय मजदूरों पर व्यक्तिगत एवं संस्थागत कर्ज है