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पहली बार एक गैर सरकारी कम्पनी ने अंतरिक्ष में घूम रहे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में यात्री पहुंचाए हैं। ये अंतरिक्ष यात्रा के अगले चरण की शुरुआत है, जिसमें प्राइवेट कंपनियों के अंतरिक्ष यान छोड़े जाएंगे जो अंतरिक्ष टूरिस्टों को भी पृथ्वी की कक्षा तक घुमाने ले जाएंगे।

बेनकेन ने उड़ान के दौरान कहा कि अपने बच्चों को रोमांचित और खुश करने के लिए एक बढ़िया मौका था। वे अपने खिलौने को अंतरिक्ष की यात्रा के विचार से ही बहुत रोमांचित थे।

अमेरिका की स्वतंत्र एजेंसी NASA ने भी एक ख़ास वेंटिलेटर का निर्माण किया है, जो कोरोना मरीजों के इलाज में काम आएगा। बताया जा रहा है कि NASA ने दक्षिण कैलिफोर्निया की जेट प्रॉपल्शन लैब (JLP) में इस वेंटिलेटर को बनाया। इसे बनाने में जेएलपी के इंजीनियरों को करीब डेढ़ महीने का समय लगा।

शनिवार को दो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के रॉकेट इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन के लिए रवाना हो गया। खबरों के मुताबिक, जैसे ही काउंटडाउन खत्म हुआ नासा के रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले नाम के दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ड्रैगन कैप्सूल को लेकर निजी कंपनी स्पेस एक्स का रॉकेट फॉल्‍कन-9 स्‍थानीय समय के मुताबिक

2011 के बाद  अमेरिका एक नया इतिहास रचने की कगार पर आकर रूक गया। खराब मौसम की वजह से अमेरिका का मानव मिशन रोकना पड़ गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने स्पेस सेंटर से दोनों एस्ट्रोनॉट्स (Astronauts) को अमेरिकी रॉकेट में बिठाकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) भेजेने वाला था।

कोरोना वायरस से के बीच अमेरिका एक नया इतिहास गढ़ने जा रहा है। महज 48 घंटे के बाद अमेरिका के विज्ञान का इतिहास बदल जाएगा। अमेरिका बहुत ही जल्द अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक नया कदम रखने वाला है।

दुनिया पर वैसे ही खतरा कम नहीं हो रहा और एक न एक कोई नया संकट पहले ही खड़ा हो जा रहा है। ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि सूरज की रोशनी धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

इस मैसेज में यह भी कहा जा रहा है कि संभव हो तो इस बीच में दिल्ली से कहीं बाहर चले जाएं। भूकंप का केंद्र गुरुग्राम को बताया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि इस भूकंप का असर पाकिस्तान से लेकर यूपी और बिहार तक रहेगा।

कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के करीब 164 देशों में अपना पैर पसार चुका है। इस वायरस से 8 हजार से ज्यादा लोग मर चुके हैं और 2 लाख से ज्यादा लोग बीमार है।

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। इसके वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एस्टेरॉयड (छोटा तारा) की खोज की है। जो पूरी तरह से लोहे का बना है।