pm narendra modi

चालू वित्त वर्ष यानी 2019-20 के खत्म होने में अब केवल 2 महीने ही बचे हुए हैं। इस वित्त वर्ष के​ लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए जारी किए गए कुल फंड का करीब 50 फीसदी ही खर्च हुआ है। गरीब किसानों की मदद के लिए इस खास योजना की शुरुआत की गई थी।

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सबकी मनपसंदीदा पार्टी के तौर पर उभरी है। नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ बीजेपी पार्टी की कमान संभाली बल्कि पार्टी को नई उच्चाइयों तक पहुंचाया है।

बेहद सरल, सहज, सौम्य और शालीन स्वभाव के नड्डा एक बेहतरीन रणनीतिकार हैं। इनकी यही खूबी इन्हें बीजेपी का अध्यक्ष बनाने पर मजबूर करती है। इनके प्रधानमन्त्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अच्छे रिश्ते हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भी पसंदीदा लोगों में से एक हैं। बीजेपी पार्टी के संविधान के नियम 'एक व्यक्ति एक पद' के अनुसार इन्हें अध्यक्ष चुना गया है।

जेएनयू से जामिया औ एएमयू से जाधवपुर यूनिवर्सिटी तक में सामने आए घटनाक्रम से पता चलता है कि  किस तरह से अकादमिक माहौल को खराब किया जा रहा है। इसके पीछे लेफ्ट ऐक्टिविस्ट्स के एक छोटे से वर्ग की शरारत है।

पीएम मोदी ने कहा कि उनके निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ। वह एक दूरदर्शी नेता और राजनेता थे।

10 जनवरी से होने वाले खेलो इंडिया गेम्स समारोह का उद्घाटन करने पीएम नरेंद्र मोदी असम नहीं जाएंगे। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फीट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

गोरखपुर को जोड़ने वाला गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर, आजमगढ़, संतकबीर नगर और अंबेडकर नगर जिले के कई गांवो से गुजरेगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। करीब 2500 करोड़ की लागत से बनने वाला 91.35 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर के जैतपुर से होते हुए अंबेडकर नगर में पूर्वांचल एक्सप्रेस से मिलेगा।

आने वाले दिनो में लेबर यूनियनों का हड़ताल पर जाना मुश्किल हो सकता है। अब कंपनियों के लिए कर्मचारियों  की छंटनी की प्रक्रिया आसान होने वाली है। मोदी सरकार 27 नवंबर को लोकसभा में लेबर कोड पेश करने वाली है। इसके अनुसार नए लेबर कोड में किसी भी कर्मचारी को तय अवधि की समाप्ति के बाद उसे छंटनी का हिस्सा नहीं माना जाएगा।