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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सूरत में आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने अगर आतंकवाद का साथ देना नहीं छोड़ा तो उसके टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकता।

आजमगढ़ की पहचान ऋषियों-मनीषियों की तपोस्थली और विद्वानों-साहित्यकारों की जन्मस्थली से थी, उस आजमगढ़ को आतंकगढ़ और आतंकियों की नर्सरी कहा जाने लगा। अपने ऊपर लगे इस बदनुमा दाग से आजमगढ़ जहां मर्माहत हुआ, वहीं यहां के युवाओं के लिए गैरजनपदों व गैरप्रान्तों में रोजगार के रास्ते भी बन्द हो गये। पूरे देश में यहां के लोगों को शक-संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा।

कश्मीर को लेकर पाक की ओर से लगातार नापाक हरकतों को अंजाम दिया जा रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके मंत्री भी भारत को हर तरह के हमले की धमकी देते रहते हैं। हालांकि, भारत को उसकी धमकियों से फर्क नहीं पड़ता है। ये बात पाक को नहीं समझ आ रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अब तक जम्मू-कश्मीर में 300 से 350 आतंकवादी घुसपैठ करने की कोशिश कर चुका है लेकिन उसे कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। हालांकि, खुफिया इनपुट्स का कहना है कि घाटी में घुसपैठ करने में 40 से 50 पाकिस्तानी आतंकवादी कामयाब भी रहे हैं। यह घुसपैठ पिछले दो हफ्तों में हुई है।

पाक-भारत में भिड़ंत बहुत सालों से चली आ रही है। 90 के दशक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का जिस तरह का माहौल था वो सारी दुनिया के सामने है। लेकिन अब आर्टिकल 370 हटने के बाद पाकिस्तान फिर से जम्मू-कश्मीर में 90 के दशक जैसा माहौल बनाने की साज़िश रच रहा है।

राज्यसभा ने शुक्रवार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने तथा आतंकवाद की जांच के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को और अधिकार देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कर दिया।

लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्रालय जवाब दिया कि सेना द्वारा पिछले पांच साल 2014 से 2019 के बीच 963 आतंकवादी मारे गए हैं। केंद्र सरकार ने आतंक पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जबकि इस दौरान करीब 413 सुरक्षाबलों ने भी अपनी जान गंवाई है।

लोकसभा में सोमवार को एनआईए संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के बीच नोकझोंक देखने को मिली।

आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा कदम उठाया है। अब जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और इसके पोषण के लिए फंड जुटाने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर वैश्विक सम्मेलन का आह्वान करते हुए शुक्रवार को पाकिस्तान पर परोक्ष हमला बोला और कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले, इसमें मदद देने वाले और इसका वित्तपोषण करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।