राम तेरी मंदाकिनी मैली हो गई पापियों के पाप धोते धोते….

प्राप्त सरकारी आकड़ों के अनुसार असल मे नगर पालिका क्षेत्र में कुछ 16 नाले ऐसे हैं जिनका पानी सीधे मंदाकिनी में गिरता है। इस संदंर्भ में जिला प्रशासन द्वारा शासन को एक रिपोर्ट भेजी गई थी।

चित्रकूट: एक तरफ योगी सरकार धर्मनगरी चित्रकूट के विकास को लेकर लगातार बडी बड़ी बातें कर रही है और ये दिखा रही है कि उसकी प्राथमिकता में है यहां का सर्वांगीण विकास।

लेकिन मंदाकिनी की स्वच्छता को लेकर सरकार का प्रयास फिलहाल ढकोसला ही समझ आ रहा है। सरकारी लापरवाही का आलम ये है कि लाखों लोगों की सेहत के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है।

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प्राप्त सरकारी आकड़े कहते हैं यह बात…

प्राप्त सरकारी आकड़ों के अनुसार असल मे नगर पालिका क्षेत्र में कुछ 16 नाले ऐसे हैं जिनका पानी सीधे मंदाकिनी में गिरता है। इस संदंर्भ में जिला प्रशासन द्वारा शासन को एक रिपोर्ट भेजी गई थी।

आपको ये भी जानना जरूरी है कि इसी मंदाकिनी नदी से चित्रकूट जिला मुख्यालय, सीतापुर और पहाड़ी के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में शुद्ध पेयजल की कल्पना करना भी थोड़ा मुश्किल लगता है।

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ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा होता है कि शासन अभी तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है। इसके लिए कोई ठोस नीति क्यों नही बनाई गई।

प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है कि आखिर शासन ने जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का संज्ञान क्यों नहीं लिया।

नालों के प्रदूषित हो रही मंदाकिनी…

सबसे खास बात ये भी है कि मंदाकिनी नदी इन नालों के कारण लगातार प्रदूषित भी हो रही है। साथ ही बताते चलें कि कुछ महीनों पहले अभी जिला मुख्यालय में कई वार्डो में गन्दे पानी के सप्लाई की खबर सामने आई थी जिसके बाद आनन फानन में प्रशासन ने एक्शन लेते हुए स्थिति में कुछ किया था।

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सरकारी सूत्रों ने कहा…

इस मसले पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि 16 नालों का आंकड़ा तो अभी सिर्फ सरकारी है और नगर पालिका क्षेत्र का है, समूचे जिले का आंकलन किया जाये तो मंदाकिनी नदी बहकर जाती तो स्थिति और भी भयावह मिलेगी।

नमामि गंगे, विशेषज्ञों ने कहा…

जानकारों की माने तो लगभग 50 से अधिक गन्दे नालों का पानी मंदाकिनी में सीधे गिर रहा है जिससे नदी लगातार प्रदूषित होती जा रही है।

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ऐसे में नमामि गंगे जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में करोड़ो फूंकने वाली सरकारों को ध्यान देना होगा कि धरातल पर कैसे योजनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बता दें कि मंदाकिनी नदी चित्रकूट की लाइफलाइन के रूप में जानी जाती है, बावजूद इसके किसी को इस बात की फिक्र नहीं।

लगातार हो रहीं प्रदूषित…

मंदाकिनी नदी लगातार प्रदूषित हो रही हैं, अगर इसी तरह चलता रहा तो एक दिन स्थानीय लोगों का जीवन संकट में आ जायेगा। अब देखना होगा कि रामजादो की सरकार क्या राम की मंदाकिनी को पापियों के चंगुल से गन्दे होने से बचा पाती है।

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