फीकी पड़ी सर्राफा की चमक, यहां 100 करोड़ की कुर्बानी

कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे देश के साथ यूपी का इत्रनगरी भी पूरी शिद्दत के साथ शिरकत कर रही है। शहर के साथ देहात के बाजार भी पूरी तरह सन्नाटे में डूबे हैं।

कन्नौज। कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे देश के साथ यूपी का इत्रनगरी भी पूरी शिद्दत के साथ शिरकत कर रही है। शहर के साथ देहात के बाजार भी पूरी तरह सन्नाटे में डूबे हैं। जिस कारण सर्राफा कारोबार की चमक फीकी पड़ गई है। जिले भर में रोजाना होने वाला दो करोड़ का कारोबार ठप पड़ा है। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते 22 मार्च जनता कफ्र्यू से सर्राफा बाजार पूरी तरह से बंद है। इससे शहर में रोजाना करीब दो करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

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असर ज्वैलरी कारोबार से जुड़े कारीगरों

ऐसे हालत तब है जब इन दिनों सहालग का सीजन भी है। जिले भर की करीब एक हजार दुंकानों पर रोजाना दो करोड़ का कारोबार बिल्कुल ठप पड़ा है। इसका सीधा असर ज्वैलरी कारोबार से जुड़े कारीगरों पर भी पड़ा है।

कारोबार बंद होने से सर्राफा कारोबार से जुड़े कारीगरों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और ऐसे में उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है। कारोबार बंद होने से सर्राफा व्यापारियों के सामने बिजली के बिल, बैंक के किश्तें और जीएसटी बिल सहित कई समस्याएं सामने खड़ी हैं।

ऐसे में कारोबारियों ने सरकार से मंशा जताई है वे सर्राफा कारोबार से जुड़ी सभी व्यापारियों की परेशानी समझे और राहत दे। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि लॉकडाउन में जिले भर के सर्राफा कारोबार की चमक पूरी तरह से छीन ली है।

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दुकानें न खुलने के कारण

तालाबंदी के कारण विवाह समारोह जैसे आयोजन भी नहीं हो रहे है। दुकानें न खुलने के कारण लोगों के पास इस बार सोना, चांदी ज्वैलरी और घर के सामान खरीदने का मौका नहीं है।

तीसरे चरणों के लॉकडाउन के 50 दिन में 50 करोड़ के कारोबार का नुकसान हो चुका है। वर्तमान समय में सोना 45 हजार के करीब दस ग्राम और चांदी 43 हजार रुपए प्रति किलो ग्राम का भाव है।

दीपावली पर कारोबार में चमक आने की उम्मीद

लॉकडाउन के कारण फीकी पड़ी सोने की चमक अब दीपावली तक ही कुछ संभलने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि कारोबार से जुडे़ लोगों का कहना है कि भले ही बाजार बंद है लेकिन फिर भी सोने के भावों में कमी के फिलहाल कोई संकेत नहीं है।

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प्रशासन देता साथ तो हो सकता था व्यापार

कन्नौज के आभूषण कारोबारियों के मुताबिक अगर पुलिस- प्रशासन सहयोग करता तो अक्षय तृतीया और सहालग के सीजन में आभूषण कारोबार बेहतर हो सकता था।

फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सर्राफा दुकानों को खोलने की इजाजत दी जा सकती थी। लेकिन प्रशासन की ओर से दिलचस्पी नहीं दिखाई जाने पर नतीजा इस साल बाजार चौपट हो गया।

लॉकडाउन के बाद सोना बेचने वाले उमड़ेंगे

लॉकडाउन खुलने के बाद लोग सोना बेचने के लिए उमड़ सकते हैं। ऐसे में निवेशकों का सोना भी खरीदना पड़ेगा। कोई भी कारोबारी निवेशक का सोना और सोने के गहने खरीदने से मना नहीं कर सकता।

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लेकिन इसमें भी समस्याएं आने वाली हैं। कारोबारियों का कहना है कि ऐसे में निवेशकों या फिर ग्राहकों का सोना खरीदा नहीं जा सकता।

ग्राहक और निवेशक चाहें तो सोना को बैंक में कुछ दिनों के लिए गिरवी रख कर अपना काम चला सकते हैं,और जब लॉकडाउन खत्म हो जाए तो उसको बेच सकते हैं

व्यापारियों की पुकार राहत दे सरकार

जिला सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में सर्राफा कारोबार पूरी तरह से बंद है। ऐसे में सरकार को कस्टम ड्यूटी पर 10 प्रतिशत और जीएसटी तीन प्रतिशत में राहत देनी चाहिए। जिससे भविष्य में सर्राफा कारोबार अपनी एक बार फिर से चमक बिखेर सके।

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पहली बार बनी ऐसी स्थिति

जिला सर्राफा एसोसिएशन के संरक्षक अजीत वर्मा के अनुसार लॉकडाउन के कारण शहर में सभी आभूषण दुकानें पूरी तरह बंद है। कहीं कोई कारोबार नहीं हो रहा है।

पहली बार अक्षय तृतीया और सहालग के सीजनपर ऐसी स्थिति बनी है। इस नुकसान का असर आभूषण कारोबार पर पूरे साल रहेगा। ऑनलाइन बाजार पर अजीत ने कहा कि कुछ बड़े ब्रांड ने ऑनलाइन बाजार की सुविधा शुरू की थी। वहां भी अच्छा रिस्पांस नहीं मिला।

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पीली धातु बनकर रह गया सोना, नुकसान का अंदेशा

सर्राफा एसोसिएशन संरक्षक चन्द्र प्रकाश वर्मा बताते हैं कि उनके परिचित के ग्राहक लॉकडाउन के दौरान सोना बेचने की पेशकश कर रहे हैं। लेकिन ढेड़ महीने से ज्यादा वक्त से पूरा कारोबार ठप है।

ऐसे में कारोबारियों के पास कैश नहीं है, जिससे निवेशकों का सोना खरीद सके। इसके साथ ही लॉकडाउन के दौरान सोना खरीदने पर अगर सोने का भाव गिर गया तो नुकसान होने का भी अंदेशा है।

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आभूषणों की भरमार, आर्डर हो गए कैंसिल

सहालग में सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी का सीजन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। इस कारण व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। सर्राफा व्यवसायी विनित वर्मा ने बताया कि मौजूदा हालातों को देखते हुए सभी शादियां स्थगित हो गई हैं।

इस वजह से बनाया हुआ माल पड़ा है। सहागल में अच्छा कारोबार होता है लेकिन इस बार व्यापार एकदम ही चौपट रहा।

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रिपोर्ट- अजय मिश्रा