कांग्रेस अध्यक्ष ने फिर पूछा उर्जा मंत्री से बड़ा सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ लल्लू ने आज एक बार फिर राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को निशाने पर बोलते हुए कहा कि नई और पुरानी पेंशन की स्कीम का पैसा किन-किन कम्पनियों में इन्वेस्ट किया गया है। प्रदेश सरकार को इसका श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

Published by Harsh Pandey Published: November 8, 2019 | 9:37 pm
Modified: November 8, 2019 | 9:38 pm

लखनऊ: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ लल्लू ने आज एक बार फिर राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को निशाने पर बोलते हुए कहा कि नई और पुरानी पेंशन की स्कीम का पैसा किन-किन कम्पनियों में इन्वेस्ट किया गया है। प्रदेश सरकार को इसका श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की गाढ़ी कमाई का ज्यादातर हिस्सा डिफाल्टर कंपनी डीएचएफएल में निवेश भाजपा सरकार में श्रीकान्त शर्मा के ऊर्जा मंत्री रहते हुए हुआ है।

ऊर्जा मंत्री अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बात को दूसरी दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आज एक बार पुनः कर्मचारी हितों को दृष्टिगत रखते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से कई सवाल किए।

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1 उन्होंने कहा कि इतने बड़े निवेश के लिए कौन सी टेण्डर प्रक्रिया अपनायी गयी, टेण्डर के प्रपोजल मांगने की शर्तें क्या थीं?

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2 क्या बन्द कमरे में तीन प्रस्ताव लेकर ही टेण्डर दे दिया गया?

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3सभी प्रस्ताव देने वाली कम्पनियों के ऑफर क्या थे? रिटर्न, कितने साल का निवेश, कितने प्रतिशत पर? उस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

4 प्रॉविडेंट फंड निवेश की गाइड लाइन्स के नियमों का पालन किया गया या नहीं ?

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5 सरकार उन कम्पनियें की सूची जारी करे जहां पर विभिन्न विभागों के पैसे का निवेश किया गया है? सरकार 2017-19 की इन्वेस्टमेंट कमेटी की सभी बैठकों की मिनट्स एवं कार्यवृत्त सार्वजनिक करे, जिससे बैठकों में हिस्सा लेने और सहमति देने वाले अधिकारियों के नाम सामने आ सकें।

6 प्रॉविडेंट फंड निवेश को लेकर सीवीसी गाइड लाइन्स एवं वित्त विभाग की गाइड लाइन्स का अनुपालन हुआ या नहीं?

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7 क्या निवेश बगैर वित्त विभाग के अनुमोदन के संभव है? क्या वित्त विभाग का परामर्श लिया गया?

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