नीतीश के 'रामचंद्र' का BJP ने किया स्वागत: बिहार में मचा राजनीतिक बवंडर, पार्टी सरेंडर

तेलंगाना BJP नेताओं ने इसे ट्वीट कर दिया। जिसने बिहार में 'चिंगारी' का काम किया। कुछ ही मिनट में यह ट्वीट और इसके साथ दो लाइन वायरल होने लगी, कि आरसीपी ने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है।

Written By :  aman
Update:2022-07-04 19:22 IST

RCP Singh And Nitish Kumar (Social Media)

RCP Singh News : जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के कोटे से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi government) में मंत्री पद संभाल रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह (RCP Singh) का सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्वागत कर दिया। वह भी तेलंगाना में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (BJP National Executive Meeting, Hyderabad) के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचे नेताओं के लिए लगे बैनर-पोस्टर के सामने।

तेलंगाना बीजेपी के नेताओं ने इसे ट्वीट कर दिया। जिसने बिहार में 'चिंगारी' का काम किया। कुछ ही मिनट में यह ट्वीट और इसके साथ दो लाइन वायरल होने लगी, कि आरसीपी ने बीजेपी ज्वाइन (RCP Singh Joins BJP) कर लिया है। कुछ लोग दो कदम आगे बढ़ गए, कहा भाजपा उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में बनाए रखेगी।

जेडीयू-बीजेपी का हो गया लिटमस टेस्ट 

तेलंगाना बीजेपी से निकली 'चिंगारी' ने बिहार में ऐसी 'राजनीतिक आग' लगाई कि आनन-फानन में प्रदेश के दिग्गज भाजपाइयों को 'आपदा प्रबंधन' में उतरना पड़ा। सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar)  की नाराजगी के कारण राज्यसभा सांसद के टिकट से महरूम किए गए आरसीपी की बीजेपी ज्वाइनिंग की खबर जदयू-भाजपा सरकार को किस तरह हिला सकती है, इसका लिटमस टेस्ट हो गया।

स्वागत के ट्वीट पर फैली अफवाह 

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi), प्रदेश के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन (Bihar Minister Nitin Naveen) जैसे नेताओं ने मीडिया में खुलकर इस अफवाह का खंडन किया। मोदी और नितिन ने कहा कि, 'आरसीपी अपने मंत्रालय के किसी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। भाजपा नेताओं ने एयरपोर्ट पर उन्हें देखा तो अनौपचारिक तौर पर स्वागत कर दिया। इस स्वागत के ट्वीट को लेकर अफवाह इसलिए उड़ी, क्योंकि लिखा था 'भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आगमन पर आरसीपी सिंह का स्वागत।'

जानें कौन हैं RCP सिंह? 

आरसीपी सिंह मूलतः बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। बता दें कि, सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहीं के हैं। आरसीपी सिंह भी कुर्मी जाति से हैं और नीतीश कुमार भी इसी समाज से हैं। आरसीपी सिंह को सीएम नीतीश कुमार का बेहद करीबी माना जाता रहा है। लंबे समय तक जेडीयू में नीतीश कुमार के बाद वो नंबर दो का दर्जा प्राप्त किए रहे। मालूम हो कि, जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले आरसीपी सिंह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे थे। कहने का मतलब है कि, आरसीपी जेडीयू में लंबे समय तक शीर्ष नेता के तौर पर रहे।  

यूपी कैडर में IAS ऑफिसर थे RCP सिंह 

क्या आपको पता है कि RCP सिंह राजनीति में आने से पहले उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी (IAS Officer) रह चुके हैं। साल 1996 में जब नीतीश कुमार केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार (Atal Bihari Vajpayee Government) में मंत्री थे तो उसी दौरान उनकी नजर RCP सिंह पर गई। इस दौरान यूपी कैडर के IAS अधिकारी आरसीपी सिंह तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के निजी सचिव थे।

ऐसे नीतीश के खासमखास बने RCP सिंह 

वाजपेयी सरकार में जब नीतीश कुमार रेल मंत्री बने तो उन्होंने आरसीपी सिंह को अपना विशेष सचिव (Special Secretary) नियुक्त किया। इसके बाद दोनों का साथ चल निकला। साल 2005 में जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने आरसीपी सिंह को दिल्ली से बिहार बुलाया। इस बीच यानी वर्ष 2005 से 2010 के बीच आरसीपी सिंह (RCP Singh) नीतीश कुमार के प्रधान सचिव (Principal Secretary Of Nitish Kumar) के तौर पर कार्यरत रहे। इस दौरान जेडीयू में आरसीपी सिंह की पकड़ मजबूत होने लगी।

JDU ने दो बार भेजा राज्यसभा 

साल 2016 में नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह पर दोबारा भरोसा जताया और उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया। आरसीपी सिंह को जनता दल यूनाइटेड ने दो बार राज्यसभा भेजा था। मगर, तीसरी बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उनका मंत्री पद अभी 'डेंजर जोन' में है। आज बीजेपी में शामिल होने की अफवाह के बाद यह माना जाने लगा कि RCP सिंह ने अपना नया ठिकाना ढूंढ लिया है। 

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