Kids Memory: 4 आदतें जो बच्चों की याददाश्त को बना देती हैं कमजोर, पेरेंट्स की ये गलती भी पड़ती है भारी
Habits That Weaken Child Memory: मस्तिष्क का विकास बच्चे के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास के लिए जरूरी है। लेकिन कुछ बुरी आदतें उनके ब्रेन डेवलपमेंट में बाधा बन सकती हैं।;
Kids Memory (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
Habits That Weaken Child Memory: ब्रेन हमारे शरीर का एक सबसे जरूरी अंग है, जो हमारे विचार, मेमोरी, इमोशन्स, टच, विजन, मोटर स्किल, भूख और शरीर को नियंत्रित करने वाली हर प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। बच्चों के ब्रेन का अधिकतम विकास उनके जीवन के शुरुआती वर्षों में ही हो जाता है और आगे के जीवन में सभी लर्निंग एवं डेवलपमेंट के लिए आधारशिला तैयार करने का काम करता है।
मस्तिष्क का विकास बच्चे के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास के लिए जरूरी है। संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम जानकारी प्राप्त करते हैं, समझते हैं, व्यवस्थित करते हैं और विभिन्न तरीकों से उसका उपयोग करना सीखते हैं। वहीं, अगर बच्चों के शुरुआती साल में वह कुछ खराब आदतों को अपना लें तो उनके ब्रेन और मेमोरी पर निगेटिव असर पड़ सकता है। आज हम उन्हीं आदतों के बारे में जानेंगे, जो आपके बच्चों की मेमोरी को कमजोर (Weak Memory) बना सकती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
कौन सी आदतें बच्चों की याददाश्त को बनाती हैं कमजोर?
व्यक्ति की लाइफस्टाइल का प्रभाव उसके ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है। अगर आपको बुरी चीजों की लत लग जाए तो उसका स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर ही देखने को मिलता है। उसी तरह बच्चों की भी बुरी आदतें उनकी सेहत पर असर डालती हैं और उनके विकास में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। ये कुछ आदते हैं, जिनसे अपने बच्चों को बचाना एक अच्छा उपाय हो सकता है।
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
1- अत्यधिक स्क्रीन टाइम
आज के समय में हर उम्र के लोग मोबाइल के आदि हो चुके हैं। बच्चे भी जमकर मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। माता-पिता बच्चों को रोने से रोकने के लिए या फिर अपना काम बिना किसी रुकावट के करने के लिए बच्चों के हाथों में फोन थमा देते हैं। अभी बच्चे ने भले ही चलना न सिखा हो, लेकिन टैब और फोन का इस्तेमाल अच्छे से सीख जाता है। लेकिन आपको बता दें कि स्क्रीन के अत्यधिक संपर्क में रहने से उनके ध्यान, फोकस और समग्र संज्ञानात्मक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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2- नींद की कमी
आज के समय में केवल बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी देर रात तक जागते हैं और सुबह स्कूल जाने के लिए उन्हें जल्दी उठ जाना पड़ता है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं होती है। लेकिन ऐसा रोज-रोज होना उनके ब्रेन डेवलपमेंट के लिए अच्छा नहीं। बता दें नींद ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। अगर लगातार नींद की कमी बनी रहे तो मेमोरी वीक हो सकती है।
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3- गलत खानपान
अगर आप अपने बच्चे को अनहेल्दी फूड्स खाने की परमिशन दे देते हैं तो ये उनके विकास में बाधा डाल सकते हैं। गलत खानपान का असर ब्रेन फंक्शन पर भी पड़ता है। स्टडी में भी सामने आया है कि हाई फैट और हाई शुगर फूड्स के अत्यधिक सेवन से सीखने, स्मृति और रिवॉर्ड से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्रों में स्थायी परिवर्तन होता है।
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4- फिजिकल एक्टिव न रहना
आप अपने आसपास ऐसे कई बच्चों को देखते होंगे, जिन्हें आउटडोर गेम्स से ज्यादा इनडोर गेम्स पसंद आते हैं। या फिर वो मोबाइल पर ही वीडियो गेम खेलकर खुश रहते हैं, लेकिन इससे वह फिजिकल तौर पर एक्टिव नहीं हो पाते हैं, जिससे उनकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शारीरिक तौर पर एक्टिव न रहने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास दोनों ही धीमे पड़ सकते हैं।
बच्चों की मेमोरी बढ़ाने के लिए क्या करें?
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1- बच्चों को पौष्टिक आहार दें, इससे बच्चों की याददाश्त में सुधार होता है। आप बच्चों की मेमोरी बढ़ाने के लिए उन्हें बेरीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, संतरा, दही, नट्स और सीड्स, सैल्मन, अंडा, पीनट बटर, साबुत अनाज जैसी चीजें खिला सकते हैं।
2- इसके अलावा उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रेरित करें, ताकि वह फिजिकल तौर पर एक्टिव रह सके। इसके साथ ही उन्हें पजल गेम्स भी सॉल्व करने के लिए दें, इससे फोकस बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
3- बच्चों को नियमित नींद लेना बहुत जरूरी है। ऐसे में उनके सोने और जागने का एक टाइम सेट करें। इससे उनकी याददाश्त भी सुधरेगी।
4- उनके स्क्रीन टाइम पर निगरानी रखें। दिनभर में एक घंटे से अधिक फोन, टीवी का इस्तेमाल न करने दें।
5- बच्चों को वीकेंड पर बाहर घूमाने के लिए लेकर जाएं, इससे वो नई-नई चीजों को समझेंगे और जानेंगे। इससे उनकी नॉलेज बढ़ेगी और मानसिक विकास भी अच्छी तरह होगा।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। इस पर अमल करने से पहले संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।