Punjab Blast पर सियासत शुरू! BJP ने भगवंत मान को लिया आड़े हाथों, मांग लिया इस्तीफा

BJP demands resignation Bhagwant Mann over Punjab Blast: पंजाब ब्लास्ट के बाद सियासत गरम! भगवंत मान ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, वहीं भाजपा ने मांगा इस्तीफा। जानिए जालंधर-अमृतसर धमाकों के पीछे क्या है पूरा सच और किस पर उठ रहे हैं सवाल।

Update:2026-05-06 20:15 IST

BJP demands resignation Bhagwant Mann over Punjab Blast: पंजाब की सियासत में इस समय उबाल आ गया है। जालंधर और अमृतसर में हुए दोहरे बम धमाकों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य में एक नया राजनीतिक युद्ध भी छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया है। मान का दावा है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों की जमीन तैयार करने के लिए पंजाब का माहौल बिगाड़ रही है। वहीं, भाजपा ने इस आरोप को 'बौखलाहट' करार देते हुए मुख्यमंत्री से सबूत पेश करने या पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

धमाकों की गूंज और मान का संगीन आरोप

मंगलवार की रात पंजाब के लिए काफी खौफनाक रही। जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के मुख्यालय के बाहर और अमृतसर के खासा में सेना के कैंट के पास दो जबरदस्त विस्फोट हुए। इन धमाकों के बाद आनंदपुर साहिब पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है। पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब की बारी है। ये छोटे धमाके संकेत दे रहे हैं कि यह भाजपा की 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है।" मान ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों से पहले राज्य में डर का माहौल पैदा करना चाहती है।

डीजीपी का 'पाकिस्तान' कनेक्शन और भाजपा का पलटवार

मुख्यमंत्री के बयान के बाद पंजाब भाजपा के नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया। भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान को 'गैर-जिम्मेदाराना और अपरिपक्व' बताया। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि एक तरफ राज्य के डीजीपी गौरव यादव इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का हाथ होने की आशंका जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में राजनीति कर रहे हैं। जाखड़ ने तंज कसते हुए कहा, "मान साहब को अपनी कुर्सी की चिंता छोड़कर पुलिस को उनका काम करने देना चाहिए। अगर विधायक पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं, तो पुलिस की तैनाती उन्हें नहीं रोक पाएगी।"

'सबूत दिखाओ या कुर्सी छोड़ो': भाजपा की चुनौती

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री मान को खुली चुनौती देते हुए कहा कि या तो वह अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करें या अपने पद से इस्तीफा दें। चुघ ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों को सुरक्षा देने में विफल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले कुछ समय में थानों के बाहर और चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय के पास भी ग्रेनेड हमले हो चुके हैं, जो सरकार की विफलता का प्रमाण है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मान अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा पर कीचड़ उछाल रहे हैं।

रवनीत बिट्टू और अश्वनी शर्मा का तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी मुख्यमंत्री को ललकारते हुए कहा, "अगर आप में दम है, तो भाजपा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। शर्म आनी चाहिए कि आपके डीजीपी कुछ और कह रहे हैं और आप कुछ और।" वहीं, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मान की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और इसकी सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवंत मान की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और उन्हें इलाज की जरूरत है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए पंजाब की शांति और भाईचारा सर्वोपरि है और पार्टी हमेशा राज्य के लोगों के साथ खड़ी रहेगी।

ऑपरेशन सिंदूर की बरसी और आईएसआई की साजिश

धमाकों की जांच कर रहे डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अभी तक किसी संगठन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, पुलिस इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी पर पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा पंजाब में अशांति फैलाने की एक साजिश मान रही है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पंजाब देश की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ एक 'प्रॉक्समी वॉर' (छद्म युद्ध) लड़ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में मुख्यमंत्री और सुरक्षा एजेंसियों के बयानों में यह विरोधाभास राज्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। अब देखना यह होगा कि क्या भगवंत मान भाजपा पर लगाए गए आरोपों का कोई ठोस सबूत पेश कर पाते हैं या नहीं।

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