19 में से 6 MLA BJP के 'धुरंधर'...CM हिमंता के खुलासे से बौखलाई कांग्रेस! कहा- "खाते उनकी हैं, बजाते हमारा ढोल हैं"

Himanta Biswa Sarma Congress claim: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा कांग्रेस के MLA ही BJP का खेल बना रहे हैं! 2026 चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बीच इस बयान ने मचा दिया सियासी तूफान, जानिए पूरा मामला।

Update:2026-05-06 19:50 IST

Himanta Biswa Sarma Congress claim: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पूर्वोत्तर में हिमंता बिस्वा सरमा का जादू बरकरार है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 126 में से 102 सीटें जीतकर जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक लगाई है। लेकिन इस प्रचंड जीत से ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के उस 'एक्सक्लूसिव' इंटरव्यू की हो रही है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस को लेकर ऐसे दावे किए हैं कि विपक्षी खेमे में हड़कंप मच गया है। हिमंता ने बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा कि कांग्रेस के भीतर उनके ऐसे 'धुरंधर' बैठे हैं जो खाते कांग्रेस की हैं, लेकिन बजाते भाजपा का ढोल हैं।

कांग्रेस में भाजपा के 'धुरंधर': फिल्मी अंदाज में बड़ा खुलासा

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' का जिक्र करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जैसे फिल्म में जासूस दुश्मन के खेमे में रहकर काम करते हैं, ठीक वैसे ही कांग्रेस के भीतर उनके कई करीबी नेता मौजूद हैं। हिमंता ने दावा किया कि इस चुनाव में कांग्रेस के कम से कम 30 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके भाजपा और खुद उनसे बेहद मधुर संबंध हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 30 उम्मीदवारों में से 6 ने जीत भी हासिल की है और अब वे विधानसभा पहुंच चुके हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ये लोग भाजपा के जासूस हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे जासूस नहीं हैं, बल्कि वे कांग्रेस में रहकर ही भाजपा की मदद करते हैं और देश सेवा कर रहे हैं।

मियां मुसलमानों की पार्टी बनी कांग्रेस: हिंदू वोटरों ने बनाई दूरी

हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के चुनावी नतीजों का विश्लेषण करते हुए एक तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि असम में अब कांग्रेस पूरी तरह 'मियां मुसलमानों' की पार्टी बनकर रह गई है। आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं; कांग्रेस के जो 19 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं, उनमें से 18 मुस्लिम हैं। पूरी कांग्रेस पार्टी में केवल एक हिंदू उम्मीदवार जय प्रकाश दास को लखीमपुर की नाउबोइचा सीट से जीत मिली है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि असम के हिंदू न तो अब कांग्रेस को वोट देते हैं और न ही उसे पसंद करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस का आधार अब केवल एक विशेष समुदाय तक सिमट गया है, जबकि भाजपा को समाज के हर वर्ग, विशेषकर हिंदुओं का भरपूर समर्थन मिला है।

राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का दावा: फिर होगा बड़ा 'खेला'

सिर्फ इतना ही नहीं, हिमंता बिस्वा सरमा ने आने वाले दिनों के लिए एक और बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आए कम से कम 6 विधायक आगामी राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। यह दावा कांग्रेस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पार्टी के भीतर की बड़ी सेंधमारी को दर्शाता है। हिमंता के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि चुनाव खत्म होने के बाद भी वह कांग्रेस को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ने वाले हैं और 'दुश्मन के कैंप' में उनकी पकड़ काफी मजबूत है।

भाजपा की हैट्रिक और 92% का स्ट्राइक रेट

असम के चुनावी रण में भाजपा का प्रदर्शन किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। पार्टी ने जिन 90 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से 82 पर जीत दर्ज की। यह लगभग 92% का स्ट्राइक रेट है, जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए एक सपना होता है। भाजपा की सहयोगी पार्टियों, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने भी 10-10 सीटें जीतकर एनडीए के आंकड़े को 102 तक पहुंचा दिया। 2016 से लगातार सत्ता संभाल रही भाजपा ने इस बार न केवल बहुमत हासिल किया, बल्कि विपक्ष को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम अब विकास और हिंदुत्व के एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जहां विपक्ष के लिए अपनी जमीन बचाना भी मुश्किल साबित हो रहा है।

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