छात्रों के विधानसभा मार्च से पहले झारखंड पुलिस अलर्ट, पैलेट गन को लेकर भी बाड़ा खुलासा
JPSC JSSC Assembly March: झारखंड में छात्रों के 10 अगस्त के विधानसभा घेराव मार्च से पहले रांची पुलिस हाई अलर्ट पर है। पुलिस ने कहा कि पैलेट गन केवल आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई परेशानी नहीं होगी।
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JPSC JSSC Assembly March: झारखंड (Jharkhand) में भर्ती परीक्षा (Recruitment Exam) में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है। सरकार के साथ बातचीत होने और अधिकतर मांगों पर सहमति बनने के बावजूद छात्र अपनी मुख्य मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई (CBI) से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार सीबीआई जांच की मांग नहीं मानती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
इसी बीच छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। छात्र नेता रवींद्र पासवान (Ravindra Paswan) ने कहा है कि छात्र 10 अगस्त को तय योजना के तहत विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। छात्रों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रांची पुलिस (Ranchi Police) हाई अलर्ट पर है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मार्च से पहले रांची में बढ़ाई गई सख्ती
छात्रों के विधानसभा मार्च से पहले रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सिटी एसपी पारस राणा (Paras Rana) ने कहा कि एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों की तैनाती बेहतर तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि रांची पुलिस पूरी तरह तैयार है और मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहेंगे।
पारस राणा ने कहा कि रांची पुलिस के सभी कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से व्यवहार करते हैं तो किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि, अगर कोई हिंसा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पैलेट गन को लेकर पुलिस ने दी सफाई
छात्रों के प्रदर्शन के बीच पैलेट गन (Pellet Gun) के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठे हैं। इस पर सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि पुलिस हर स्तर पर अपनी तैयारी रखती है। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवानों के पास लाठी भी रहती है और जवान एके-47 (AK-47) लेकर भी चलते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने किसी पर फायरिंग की है।
उन्होंने कहा कि अगर पैलेट गन साथ रखी जा रही है तो वह केवल आपातकालीन स्थिति (Emergency Situation) के लिए है। पुलिस अधिकारी ने वायरल वीडियो को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वीडियो में जिस हथियार को पैलेट गन समझा जा रहा है, वह असल में पेंटबॉल गन (Paintball Gun) है।
पुलिस के मुताबिक, पेंटबॉल गन से नरम और रंगीन गेंदें चलाई जाती हैं। इनका इस्तेमाल उपद्रवियों को चिह्नित करने और उनकी पहचान करने के लिए किया जाता है। पुलिस ने साफ कहा कि यह पैलेट गन नहीं है।
'छात्रों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा'
सरकारी समिति (Government Committee) ने भी कहा है कि 10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित झारखंड विधानसभा मार्च को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। समिति के मुताबिक, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी छात्र का उत्पीड़न न हो।
वहीं, छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत में उनकी ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन सीबीआई जांच की मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है। इसी मांग को लेकर छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
98 फीसदी मांगें मानने का दावा
इससे पहले झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार (Sudivya Kumar) ने कहा था कि सरकार ने छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा (JSSC-CGL Exam) की सीबीआई जांच की मांग मानने की स्थिति में नहीं है।
सुदिव्य कुमार ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि यह परीक्षा हाई कोर्ट (High Court) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की निगरानी में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ सरकार की सकारात्मक बातचीत हुई है और अब छात्रों को तय करना है कि आंदोलन वापस लेना है या नहीं।
वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच की सिफारिश
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी (JPSC) की परीक्षा में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) से जांच कराने की सिफारिश करेगी।
सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालत (Fast Track Court) की स्थापना की घोषणा भी की है। मंत्री के मुताबिक, ऐसे मामलों में 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञों की समिति
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देने के मकसद से एक समिति भी बनाई जाएगी। इसमें आईआईटी-आईएसएम धनबाद (IIT-ISM Dhanbad), आईआईएम रांची (IIM Ranchi) और एक्सएलआरआई जमशेदपुर (XLRI Jamshedpur) के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।
इस समिति का काम परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझाव देना होगा। सरकार की ओर से इसे परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर बताया गया है।
'बातचीत से होगा समाधान, लाठी-डंडे से नहीं'
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने छात्रों को खास संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों के साथ पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत से ही हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं।
हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया था कि राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए कुछ लोग पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों को युवाओं को गुमराह करने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी भी चिंता है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई जांच की मांग पर अड़े छात्र
सरकार की ओर से 98 फीसदी मांगें माने जाने, जेपीएससी परीक्षा में वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच की सिफारिश, त्वरित अदालत बनाने और परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसे फैसलों के बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।
छात्र अपनी सीबीआई जांच की मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा की ओर प्रस्तावित मार्च को लेकर रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने की अपील के साथ हिंसा होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।