Mahakumbh Bhagdad: न्यायिक आयोग पहुंचा प्रयागराज, 1 महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

Mahakumbh Bhagdad: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ भगदड़ की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचा। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार कर रहे हैं।;

Newstrack :  Network
Update:2025-01-31 15:53 IST
Judicial commission reaches Prayagraj

Judicial commission reaches Prayagraj for Kumbh stampede inquiry (Photo: Newstrack)

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Mahakumbh Bhagdad: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ भगदड़ की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचा। आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार कर रहे हैं, जबकि अन्य सदस्य पूर्व पुलिस महानिदेशक वी.के. गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डी.के. सिंह हैं। एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बताया, "आयोग संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा है और दिन में घटनास्थल का दौरा भी कर सकता है।"

महाकुंभ हादसे की जांच शुरू करने के साथ ही न्यायिक आयोग ने अपना काम तेज़ी से शुरू कर दिया है। अधिकारी ने यह भी बताया कि आयोग को एक महीने का समय दिया गया है, लेकिन यह तेजी से अपनी जांच पूरी करेगा। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब भीड़ ने बैरिकेड तोड़कर दूसरी तरफ घाट पर बैठे लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई। इस घटना में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए।

घटनास्थल की जमीनी सच्चाई पर फोकस

आयोग ने अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों और इलाके की भौगोलिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने बताया कि यह आकस्मिक दुर्घटना थी लेकिन इसके पीछे के कारणों को सिलसिलेवार तरीके से समझने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर निरीक्षण पूरा कर लिया गया है, लेकिन अगर दोबारा जांच की जरूरत पड़ी तो टीम फिर आएगी। आयोग के सदस्य, सेवानिवृत्त आईएएस डीके सिंह और सेवानिवृत्त आईपीएस वीके गुप्ता ने भी जांच में तेजी लाने की बात कही है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पास केवल एक महीने का समय है, लेकिन जांच को प्राथमिकता के साथ तेजी से पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया से महाकुम्भ में कोई व्यवधान न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। आयोग सभी तथ्यों का गहन विश्लेषण कर किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचेगा।

घायलों से जानकारी जुटाई जाएगी

आयोग ने अस्पताल जाकर घायलों से भी बातचीत करने की योजना बनाई है। न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने कहा कि घायलों से मिली जानकारी जांच को सही दिशा देने में मदद करेगी। किसी एक पहलू पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सभी संभावित कारणों पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, आयोग के तीनों सदस्यों ने गुरुवार को लखनऊ के जनपथ स्थित अपने कार्यालय में पहुंचकर कामकाज की शुरुआत की थी। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हर्ष कुमार ने बताया था कि जांच को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना है इसलिए हमने घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर कार्यभार संभाल लिया है।"

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