मुंबई 'खूनी तरबूज' कांड का खुला राज! फोरेंसिक रिपोर्ट से खौफनाक सच आया सामने, जानिए क्यों बच गए घर आए मेहमान

Mumbai watermelon poisoning case update: मुंबई के ‘खूनी तरबूज’ कांड में फोरेंसिक रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा! तरबूज में मिला जानलेवा जहर, जानिए कैसे एक ही परिवार के 4 लोगों की गई जान और क्यों बच गए घर आए मेहमान।

Update:2026-05-07 22:07 IST

Mumbai watermelon poisoning case update: दक्षिण मुंबई के घारी मोहल्ला इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया था। एक ही हंसते-खेलते परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत ने पुलिस और डॉक्टर, दोनों के होश उड़ा दिए थे। लेकिन अब कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने इस खौफनाक गुत्थी को सुलझा दिया है। रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस बर्बादी की वजह कोई बीमारी नहीं, बल्कि 'जिंक फास्फाइड' नाम का एक घातक जहर था, जो आमतौर पर चूहे मारने वाली दवा में इस्तेमाल किया जाता है।

दावत के बाद मौत का डेजर्ट: आधी रात को मची चीख-पुकार

यह दर्दनाक सिलसिला 26 अप्रैल की रात को शुरू हुआ। अब्दुल डोकाडिया (44) के घर पर एक छोटा सा पारिवारिक मिलन समारोह था, जहां खुशियों का माहौल था। परिवार ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर बड़े चाव से 'चिकन पुलाव' खाया। रात करीब 1 बजे जब मेहमान विदा हो गए, तो परिवार ने सोने से पहले मीठे के तौर पर तरबूज काटकर खाया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह उनका आखिरी भोजन साबित होगा। तरबूज खाने के कुछ ही घंटों बाद अब्दुल, उनकी पत्नी नसरीन (35), और दो मासूम बेटियों आयशा (16) व जैनब (13) की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। आनन-फानन में उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बदकिस्मती से इलाज के दौरान चारों ने दम तोड़ दिया।

फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट: तरबूज में मिला मौत का सामान

मुंबई पुलिस को सौंपी गई फोरेंसिक रिपोर्ट किसी डरावनी फिल्म के खुलासे जैसी है। लैब ने जब मृतकों के लिवर, किडनी और पेट के नमूनों की जांच की, तो उनमें 'जिंक फास्फाइड' के अवशेष मिले। सबसे अहम बात यह है कि घर से बरामद किए गए बचे हुए तरबूज के सैंपल में भी इसी घातक केमिकल की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी साफ हो गया कि चिकन पुलाव और पानी पूरी तरह सुरक्षित थे। इस रिपोर्ट ने उन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है जिसमें चिकन पुलाव को मौत की वजह माना जा रहा था। जहर सिर्फ और सिर्फ उस तरबूज में ही मौजूद था।

क्यों बच गए घर आए मेहमान: पुलिस की गहरी तफ्तीश

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर खाना जहरीला था, तो घर आए मेहमानों को कुछ क्यों नहीं हुआ? पुलिस ने जब घर आए 5 मेहमानों के बयान दर्ज किए, तो पहेली सुलझती नजर आई। मेहमानों ने बताया कि उन्होंने पुलाव तो साथ बैठकर खाया था, लेकिन तरबूज खाने से पहले ही वे अपने घर के लिए निकल गए थे। यही वजह रही कि वे मौत के इस जाल से बच निकले। जेजे मार्ग पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर तरबूज के अंदर चूहे मारने वाली दवा पहुंची कैसे? क्या यह तरबूज काटते समय हुई कोई बड़ी लापरवाही थी या फिर इस खौफनाक वारदात के पीछे किसी की सोची-समझी साजिश है? पुलिस अब हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

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