Hardoi: मतदान ड्यूटी से बचाव को लेकर 124 कर्मियों ने बताया था अस्वस्थ
Hardoi News: सरकारी कर्मचारी मतदान कर्मी के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग विभाग से महिला व पुरुष कर्मचारियों को चिन्हित कर मतदान ड्यूटी में लगाया जाता है।
Hardoi News: लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए एक ओर जहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तनाती की जा रही है वहीं चुनाव में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सरकारी कर्मचारियों की भी तैनाती को लेकर क़वायद शुरू है।
सरकारी कर्मचारी मतदान कर्मी के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग विभाग से महिला व पुरुष कर्मचारियों को चिन्हित कर मतदान ड्यूटी में लगाया जाता है। लेकिन मतदान आते ही विभाग में हड़कंप की स्थिति देखने को मिलती है। हर कोई मतदान ड्यूटी से बचना चाहता है। मतदान में ड्यूटी लगे 124 कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को मतदान ड्यूटी से राहत के लिए अपने को अस्वस्थ बता दिया हालांकि, इस बार जिला प्रशासन ने ऐसे कर्मचारी की बहाने बाजी रोकने के लिए मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच करा दी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के बहाने की पोल खुल गई।
70 निकले अस्वस्थ
मतदान ड्यूटी से बचने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पोर्टल पर कारण के साथ प्रार्थना पत्र देने के निर्देश दिये थे। हरदोई से अलग-अलग विभागों से 124 महिला व पुरुष कर्मचारियों ने अपने को अस्वस्थ बताकर मतदान ड्यूटी से बचना चाहा था। जिसको लेकर सीडीओ सौम्या गुरु रानी ने सीएमओ के मौजूदगी में एक मेडिकल पैनल का गठन कर 124 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच कराने के निर्देश दिए थे। मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई जांच में कागजों में बीमार चल रहे 23 कर्मी स्वस्थ निकले जबकि 70 कर्मी वास्तव में अस्वस्थ पाए गए। पहले दिन स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ मेडिकल प्रशिक्षण में केवल 93 कर्मी ही अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए पहुंचे थे। कागजों में बीमार और जांच में स्वस्थ निकले सरकारी कर्मचारी पर मतदान ड्यूटी ना करने को लेकर बोले गए झूठ पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।