Jhansi News: अग्निकांड में महिला समेत पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत, दमकल विभाग पूरी तरह से फेल

Jhansi News: आग की भयानक निकलीं लपटों ने इंश्योरेंस कंपनी के आफिस, बंद कोचिंग सेंटर और स्पोटर्स की दुकान को भी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में इंश्योरेंस कंपनी की एक महिला अफसर समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन झुलस गए।;

Update:2023-07-04 20:38 IST
अग्निकांड में महिला समेत पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत, दमकल विभाग पूरी तरह से फेल: Photo- Social Media

Jhansi News: हर साल झाँसी में कोई न कोई शोरुम आग लगने से कुछ मिनटों में स्वाह हो जाता है। आग लगती हैं, अधिकारी आते हैं, मुआयना करते हैं और दो दिन बाद भूल जाते हैं। हर साल की यही कहानी हैं। नगर निगम की जिम्मेदारी है कि शोरुमों में जाकर चेक करें कि आग से निपटने के प्रबंध हैं या नहीं, लेकिन कोई नहीं जाता। केवल एनओसी के समय कागज भरवाकर खाना पूर्ति कर दी जाती है। छोटी से आग से लाखों, करोड़ों का नुकसान हो जाता है, साथ ही कई जिंदगियां भी जोखिम आ जाती है।

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सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के मिशन कंपाउंड निवासी नीतेश और रीतेश अग्रवाल का सीपरी बाजार के रामा बुक डिपो चौराहे पर के पास वीआर ट्रेडर्स के नाम से इलेक्ट्रॉनिक सामान का शोरूम है। सोमवार को शोरूम के प्रथम तल पर आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और एसी, टीवी, फ्रिज और मोबाइल समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलने लगे।

आग की भयानक निकलीं लपटों ने इंश्योरेंस कंपनी के आफिस, बंद कोचिंग सेंटर और स्पोटर्स की दुकान को भी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में इंश्योरेंस कंपनी की एक महिला अफसर समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन झुलस गए। इसकी सूचना मिलते ही डीआईजी जोगेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एसएसपी राजेश एस मौके पर पहुंचकर कमान संभालने पड़ी। आप पर काबू पाने के लिए सेना को यह बुलाया गया है इसके अलावा झाँसी, ललितपुर, जालौन की लगभग 80 से अधिक गाड़ियों को आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किया गया। बताते हैं कि शोरूम के नीचे बने बेसमेंट में खड़ी लगभग 100 से अधिक गाड़ियां इस आग में जलकर खाक हो गई।

एसएसपी राजेश एस ने बताया कि दोपहर में लगी एक मोबाइल की दुकान से आग की शुरुआत हुई थी और उस आग ने आसपास के बने और भी शोरूम को अपनी जकड़ में ले लिया इस आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड के अधिकारी और कर्मचारियों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। आग काफी तेज होने के कारण बिल्डिंग में धुआं भर जाने की वजह से अंदर फंसे हुए सात लोगों को बचाने में काफी मुश्किल है। झुलसे लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया जिसमें सबसे पहले एक महिला की मौत की सूचना आई थी उसके बाद देर रात महिला समेत पांच लोगों की इस अग्निकांड में जान जा चुकी है। उन्होंने बताया कि लगभग 10 घंटे के बाद आप पर पूरी तरह काबू पा लिया था।

इमारत में अंदर एवं बाहर जाने का सिर्फ एक रास्ता

वीआर ट्रेडर्स और वैल्यू प्लस इमारत में अंदर और बाहर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था। जबकि नियमों के मुताबिक, बहुमंजिला इमारतों में प्रवेश एवं निकास का रास्ता अलग-अलग होना चाहिए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगते ही सबसे पहले आग दरवाजे के आसपास ही भड़क उठी। इस वजह से अंदर के लोग वहीं फंस गए। वह बाहर नहीं निकल पा रहे थे। अंदर धुआं भरने पर कुछ लोग दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए। अगर इन इमारतों में बाहर जाने का कोई इमरजेंसी रास्ता होता तब अंदर फंसे लोगों को आसानी से बाहर निकाला जा सकता था।

इन लोगों की हुई है मौत

एसएसपी राजेश एस. ने बताया कि हादसे में महिला मैनेजर समेत 5 की मौत हुई है। मृतकों की शिनाख्त सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के सूर्यपुरम कालोनी में रहने वाली रागिनी (59) पत्नी एसके राजपूत, सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के के पुरी कालोनी में रहने वाले हृदेश तोमर (32) पुत्र प्रमोद सिंह, कोतवाली थाना क्षेत्र के छनियापुरा मोहल्ले में रहने वाला आमिर खान (38) पुत्र खान मोहम्मद, नवाबाद थाना क्षेत्र के 48 चैम्बर के पास रहने वाला अनुज सक्सेना, (37) पुत्र जितेंद्र, प्रेमनगर थाना क्षेत्र के आजाद नगर हंसारी के पास रहने वाला प्रकाश चंद्र (58) पुत्र दुलीचंद के तौर पर हुई है।

इन लोगों को बचाया गया

बिल्डिंग के अंदर फंसे नीरज शर्मा उम्र 32 वर्ष निवासी एसपीआई स्कूल सामने सीपरी बाजार, कमल चौरसिया उम्र 22 वर्ष निवासी सीपरी बाजार, सर्वेश मिश्रा उम्र 36 वर्ष निवासी लहर की देवी सीपरी बाजार, अंकित सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ब्रम्ह नगर आईटीआई थाना सीपरी बाजार, सुभाष रैकवार उम्र 25 वर्ष निवासी हंसारी थाना प्रेम नगर, दयाराम उम्र 45 वर्ष निवासी प्रेमनगर, शिवम निवासी झांसी को रेस्क्यू करके सकुशल बाहर निकाला गया।

बंदी दिवस पर क्यों खुला था शोरुम

सोमवार के दिन सीपरी बाजार में बंदी दिवस होता हैं जबकि मंगलवार को शहर में बंदी दिवस होता हैं। बंदी दिवस के दिन ही शोरुम क्यों खोला गया है। यह सवाल खड़ा होता हैं। बंदी दिवस के दिन खुलने वाली दुकानों को चेक क्यों नहीं किया जाता हैं। इसमें प्रशासन के संबंधित विभाग का बड़ी भूल है। केवल त्यौहार के मद्देनजर ही दुकानों को चेक करता हैं। इसके बाद वह विभाग अपनी गहरी नींद में सो जाता है।

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