Lucknow News: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दों पर प्रमुख सचिव से की चर्चा, जल्द समाधान की जताई उम्मीद

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला ने बुधवार को प्रमुख सचिव श्रम से आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की।;

Update:2025-04-02 20:35 IST

Lucknow News: Photo-Social Media

Lucknow News: उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला ने बुधवार को प्रमुख सचिव श्रम से आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान परिषद के नेताओं ने प्रदेश के 5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय निर्धारण और सेवा सुरक्षा के मुद्दों पर विलंब को लेकर प्रमुख सचिव से बातचीत की।

न्यूनतम मानदेय और सेवा सुरक्षा पर जल्द निर्णय की उम्मीद

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने बताया कि प्रमुख सचिव श्रम ने उन्हें बताया कि आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम मानदेय देने और कॉरपोरेशन बनाने का मामला सचिवालय प्रशासन के पास अंतिम निर्णय के लिए भेजा गया है। उन्होंने आशा जताई कि प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन से बातचीत के बाद इस मुद्दे पर कैबिनेट से जल्द निर्णय लिया जाएगा, और अप्रैल 2025 तक आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम 20 हजार रूपए का मानदेय मिल सकता है।

श्रमिक कल्याण आदेश का पालन नहीं हो रहा

वर्ष 2021 में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए जारी आदेश में आउटसोर्स कर्मियों को विभिन्न प्रकार के अवकाश (चिकित्सीय, आकस्मिक, वार्षिक, साप्ताहिक) देने की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रमुख सचिव को सूचित किया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग और अन्य कई विभागों में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। प्रमुख सचिव ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए जाएंगे।

उद्यान विभाग के आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं पर भी चर्चा

संयुक्त परिषद ने उद्यान विभाग के आउटसोर्स कर्मियों के वार्षिक दक्षता परीक्षण के मुद्दे को भी प्रमुख सचिव के सामने रखा। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि चयन के समय ही स्किल्ड कर्मियों की नियुक्ति की जाती है, ऐसे में हर साल दक्षता परीक्षण की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस समस्या का समाधान उद्यान विभाग से वार्ता करके किया जाएगा। वहीं यह बैठक आउटसोर्स कर्मियों के लिए आशा की एक नई किरण साबित हो सकती है, क्योंकि अब उनका मानदेय और कार्यशर्तों के संबंध में कई सकारात्मक निर्णय की संभावना है।

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