मेडिकल सेक्टर में AI के इस्तेमाल में बढ़ोतरी, चीन कर रहा डीपसीक टूल का प्रयोग, जानें भारत का हाल
Artificial Intelligence (AI) In Medical Sector: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कई सेक्टर में किया जा रहा है। अब देशभर में मेडिकल लाइन में भी इसका प्रयोग बढ़ता जा रहा है।;
मेडिकल सेक्टर में AI का हो रहा इस्तेमाल
Artificial Intelligence (AI) In Medical Sector: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की लोकप्रियता देशभर में बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए कई टेक कंपनियों ने चैटबॉट लॉन्च किए, जिससे इंसानों को कई कामों में मदद मिली। यहां तक की अब AI का इस्तेमाल मेडिकल सेक्टर में भी तेजी से होने लगा है। माइक्रोसॉफ्ट की एक स्टडी के मुताबिक, स्वास्थ्य सेवा उद्दोग मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने के लिए अब ज्यादातर AI का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा, 79 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा संगठनों ने बताया कि उन्होंने किसी न किसी रूप में AI टेक्नोलॉजी को अपनाया है।
दुनियाभर में मेडिकल सेक्टर में इस समय जो AI ऐप्लिकेशन इस्तेमाल हो रहे हैं, वह क्लिनिकल एफिशिएंसी में सुधार करने, एडवांस रिसर्च के प्रयासों को आगे बढ़ने और सटीक सर्जरी करने में मददगार हैं। ये ऐप्लिकेशन इंसानों के काम को और बेहतर करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
मिलिट्री अस्पतालों में डीपसीक AI का इस्तेमाल कर रहा चीन
चीन AI टेक्नोलॉजी का भरपूर तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। दरअसल, चीन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में डीपसीक AI का इस्तेमाल कर रहा है। डीपसीक एक चीन बेस्ड AI टूल है। PLA ने डीपसीक AI को मिलिट्री हॉस्पिटल, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) और राष्ट्रीय रक्षा इकाइयों में तैनात किया है। यह AI डॉक्टरों को इलाज की प्लानिंग बनाने में मदद करता है। इसके अलावा यह AI मरीजों की जानकारी को लोकल सर्वर पर स्टोर करता है, जिससे उनका डेटा सुरक्षित रहता है। बता दें कि चीन को देखते हुए अमेरिका और कई अन्य देश भी इस पर काम शुरू कर चुके हैं।
भारत में मेडिकल सेक्टर में AI को लेकर क्या है स्थिति?
भारत देश में मेडिकल सेक्टर में AI के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया जा रहा है। नैसकॉम एंड कांतार की 2024 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मेडिकल सेक्टर में AI 40.6 प्रतिशत की CAGR से बढ़ रहा है। और साल 2025 तक इसे 1.6 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इसके अलावा मध्य प्रेदश के इंदौर में AI टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑपरेशन भी किया जा चुका है। ऐसा देश में पहली बार हुआ है।
इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल में भारत की पहली AI रोबोटिक कार्डियक सर्जरी हो चुकी है। इसमें हार्ट मरीज की हड्डी को बिना काटे या बैगर किसी निशान के उसकी सर्जरी की गई। इस तकनीक से मेडिकल सेक्टर में इलाज के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज मिल सकेगा। इस टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने के लिए डॉक्टरों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।