अमेरिकी शेयर बाजार में कोविड के बाद सबसे बड़ी गिरावट, रेसिप्रोकल टैरिफ बना कारण, मंदी की आशंका

Share Bazaar: अमेरिका में रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जो एक बड़ा संकट का संकेत है।;

Update:2025-04-05 12:30 IST

अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट (फोटो- सोशल मीडिया)

America Share Bazaar: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से सभी देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है। इसका मतलब यह है कि जो देश अमेरिका पर जितना टैरिफ लगाते हैं, अमेरिका भी अब से उन पर उतना ही टैरिफ लगाएगा। हालांकि, इससे अमेरिकी शेयर बाजार में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे निवेशकों में वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ गई और इसकी वजह से कई मुख्य सूचकांकों में भारी नुकसान हुआ है।

रेसिप्रोकल टैरिफ से शेयर बाजार में आई भारी गिरावट

अमेरिका में रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है। डॉव जोन्स सूचकांक में 5.50 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखी गई, जबकि एस एंड पी 500 में करीब 6 प्रतिशत की कमी आई। और नास्डैक सूचकांक में 5.73 प्रतिशत नुकसान हुआ। बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद से देखा जाए तो अमेरिकी बाजारों में 9 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप खो दिया है।

कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के इस कदम से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ सकता है। और यहां स्टैगफ्लेशन यानी मंदी के बीच महंगाई जैसी स्थिति आ सकती है।

वैश्विक बाजारों पर दिखा असर

अमेरिका में लागू रेसिप्रोकल टैरिफ का असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ा है। ब्रिटेन का FTSE 100 इंडेक्स 4.95 प्रतिशत गिर गया जबकि जर्मनी का DAX परफॉर्मेंस इंडेक्स 4.95 प्रतिशत नीचे चला गया।

भारत में भी दिखा असर

अमेरिका के फैसले से भारत के शेयर बाजार पर भी असर पड़ रहा है। यहां सेंसेक्स 75,364.69 अंक पर बंद हो गया, जो 930.67 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की गिरावट बताती है। वहीं निफ्टी 345.65 अंक यानी 1.49 प्रतिशत गिरकर 22,904.45 अंक पर बंद हुआ। एक समय ऐसा भी आया था जब सेंसेक्स 1000 अंक तक गिर गया था, लेकिन बाद में कुछ नुकसान को कम कर लिया गया था।

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