क्या आप जानते हैं! जियो 6 पैसा, तो अन्य कंपनियां वसूल रही इतने रुपये

इसके साथ ही कंपनी ने कहा उसने इस मामले में पारदर्शिता बरती है। उल्लेखनीय है कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नियमानुसार अभी दूरसंचार कंपनियों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाली कॉल के दूसरे नेटवर्क पर जुड़ने के लिए एक शुल्क देना होता है। इसे ही आईयूसी कहते

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नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कपंनी रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों के लिए नई खबर लाई है। जियो ने छह पैसा प्रति मिनट के इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क (आईयूसी) वसूलने के निर्णय का मंगलवार को बचाव किया।

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कंपनी ने अन्य दूरसंचार सेवाप्रदाताओं पर इसे ‘छिपे हुए शुल्क’ (हिडेन चार्जेस) के रूप में वसूलने का आरोप लगाया।

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इसके साथ ही कंपनी ने कहा उसने इस मामले में पारदर्शिता बरती है। उल्लेखनीय है कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नियमानुसार अभी दूरसंचार कंपनियों को अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाली कॉल के दूसरे नेटवर्क पर जुड़ने के लिए एक शुल्क देना होता है। इसे ही आईयूसी कहते हैं। वर्तमान में इसकी दर 6 पैसे प्रति मिनट है।

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कंपनियों ने गलत प्रौद्योगिकी में निवेश किया…

जियो ने पुरानी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों में पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि उन कंपनियों ने गलत प्रौद्योगिकी में निवेश किया है, जिससे उनकी लागत पर असर पड़ रहा है।

जियो के अध्यक्ष ने कहा…

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जियो के अध्यक्ष मैथ्यू ओमन ने कहा है कि आईयूसी के नाम पर वह अपने नेटवर्क की अक्षमता को छिपा नहीं सकते हैं। जियो के अध्यक्ष ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को भविष्य में 5जी के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल पर आधारित पूरा नया ढांचा बनाने की जरूरत होगी और उन्हें 2जी जैसी पुरानी प्रौद्योगिकी में निवेश नहीं करना होगा।

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जियो चाहती है पारदर्शिता…

इसके साथ ही आईयूसी शुल्क वसूलने के निर्णय पर जियो अध्यक्ष ओमन ने कहा कि हम चाहें तो उद्योग से जुड़ी अन्य कंपनियों की तरह असीमित प्लान दे सकते थे। किसी को कभी पता भी नहीं चलता, लेकिन हमने ऐसा नहीं करने का चुनाव किया, क्योंकि हम वसूले जाने वाले हर पैसे को लेकर पारदर्शिता चाहते थे। यह चुनाव हमने किया।

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22 से 33 रुपये तक वसूल रही अन्य कंपनियां…

जियो अध्यक्ष ओमन ने कहा कि छह पैसे के शुल्क को आईयूसी के रूप में पहचान देने के स्थान पर हम भी अन्य कंपनियों की तरह ग्राहक को 20 से 100 रुपये के बीच की सेवा कम स्पेक्ट्रम की उपलब्धता कराकर इसे वसूल सकते थे।

इसके साथ ही अन्य किसी भी नेटवर्क पर वायस कॉल के लिए न्यूनतम एक से डेढ़ रुपये का शुल्क लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि अन्य कंपनियां उनके नेटवर्क पर बने रहने के लिए ग्राहकों से 23 से 33 रुपये तक का शुल्क वसूल रही हैं। हम ग्राहकों से असीमित प्लान के नाम पर वसूली नहीं करते हैं।

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गौरतलब है कि भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कपंनी रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों के लिए नई खबर लाई है। जियो ने छह पैसा प्रति मिनट के इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क (आईयूसी) वसूलने के निर्णय का मंगलवार को बचाव किया।