दिल्ली में है मौलाना साद, बोला- प्रशासन को मरकज के बारे में पहले से थी जानकारी

तबलीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद छिपे मौलाना साद ने कहा है कि वह डॉक्टरों की सलाह पर दिल्ली में क्वारंटीन में थे। साद ने यह भी दावा किया कि पुलिस को उनके यहां होने के बारे में पहले से ही पता है।

नई दिल्ली: तबलीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद छिपे मौलाना साद ने कहा है कि वह डॉक्टरों की सलाह पर दिल्ली में क्वारंटीन में थे। साद ने यह भी दावा किया कि पुलिस को उनके यहां होने के बारे में पहले से ही पता है। दरअसल 13 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मरकज मामले पर साद पर ये आरोप है कि इनके लापरवाही के कारण देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला।

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साद ने कहा- मैं फरार नहीं, दिल्ली में क्वारंटीन हूं

मौलाना साद ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि वह फरार नहीं हैं, बल्कि दिल्ली में क्वारंटीन हैं। साद ने कहा कि इसी वजह से मामले की जांच कर रही एजेंसियों के नोटिस का जवाब दिया है। जांच एजेंसी ने मुझसे कोरोना की जांच कराने के लिए कहा था जो चल रहा है। जल्द ही उसकी रिपोर्ट आ जाएगी। साद ने यह भी कहा कि मेरे बेटे की मौजूदगी में मेरे घर की तलाशी भी ली गई। साथ ही साद ने सवाल किया कि यह कैसे संभव होता अगर मैं छिपा होता?

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स्थानीय प्रशासन को मरकज की गतिविधियों के बारे में थी जानकारी

मौलाना साद ने कहा कि मरकज के 6 लोगों की एक टीम ने निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन के एसएचओ से मुलाकात कर यहां के हालात के बारे बताया था। दूसरे राज्यों के लोग जो लोग मरकज में हैं उन्होंने उनके घर पहुंचाने के लिए पुलिस से दिशानिर्देश की मांग की। बाद में मरकज की स्थिति से संबंधित एक पत्र भी अथॉरिटी को दिया गया। स्थानीय प्रशासन को मरकज की गतिविधियों के बारे में बताया गया था। जो कोई भी आकर मरकज में देखना चाहता है उनके लिए हर चीज खुली और पहुंच में है।

प्रशासन ने नहीं दिया साथ, इसका सबूत हमारे पास है

मौलाना साद ने कहा कि मैं किसी एक पर आरोप लगाना नहीं चाहता। इस परिस्थिति में जो कदम उठाए गए उसके बारे में न हमें न तो प्रशासन को जानकारी थी। हमने कई बार प्रशासन से कहा कि मरकज में शामिल लोगों को घर भेजने की वयवस्था की जाए ताकि मरकज खाली किया जा सके, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी जवाब नहीं आया। इसका सबूत हमारे पास है।

साद ने कहा कि जब हमने लोगों को घर छोड़ने के लिए खुद ही गाड़ियों की व्यवस्था कि और एसडीएम से इसके लिए अनुमति मांगी तो उन्होंने भी इसे स्वीकार नहीं किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने 25 मार्च को मरकज की स्थिति को समझने के लिए पहला दौरा किया और इसके बाद वे रोज आने लगे। अगर यह कदम पहले लिया गया होता तो स्थिति को संभाला जा सकता था।

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संगठन की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए मौलाना साद ने कहा कि मरकज विश्व में तबलीगी जमात का मुख्यालय है। यह पूरी तरह से सामाजिक और धार्मिक आंदोलन है। हम किसी भी राजनैतिक समूह या किसी भी सरकार या किसी भी प्राइवेट सेक्टर से संबंधित नहीं है। यह कार्य 1926 से किया जा रहा है और यह पूर्ण रूप से मुस्लिम समाज पर आधारित है।

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