bulandshahr

यूपी के बुलंदशहर और नोएडा में अलग-अलग सड़क हादसों में 9 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में सोमवार की की सुबह सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गई।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दर्दनाक हादसा हो गया है। इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। ये सभी श्रद्धालु सड़क किनारे सो रहे थे। यह दर्दनाक हादसा बुलंदशहर के नरौरा गंगाघाट पर हुआ है जिसमें सात श्रद्धालुओं की जान चली गई है। मरने वालों में चार महिला और तीन मासूम बच्चे हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर में पिछले साल गोकशी के शक में हुई हिंसा के तीन आरोपियों चंद्रपाल उर्फ चंदर, रोहित कुमार राघव व टिक्कू उर्फ भूपेश की जमानत अर्जी कतिपय शर्तों के साथ मंजूर कर ली है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्ट्राचार के खिलाफ जारी जंग का असर प्रदेश में भी दिख रहा है। मंगलवार को चीनी मिल बिक्री घोटाले यूपी के चार शहरों के 19 ठिकानों में सीबाआई छापे के बाद आज सुबह बुलन्दशहर के जिलाधिकारी और 2013 के तत्कालीन फतेहपुर डीएम अभय सिंह के आवास पर छापा पडा।

पीएमएस के अध्यक्ष डा. सचिन वैश्य ने कहा है कि अगर समय रहते प्रशासनिक अधिकारी अपने आरचरण और व्यवहार में परिवर्तन नही लाते है तो विवश होकर चिकित्सकों को अपने मान सम्मान की रक्षा के लिये आन्दोलनरत होना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक ने दो महिलाओं को कार चढ़ाकर मौत के घाट उतार दिया। दो लोग घायल हो गए। मृतक महिलाएं देवरानी और जेठानी हैं। घटना के विरोध में लोगों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया,जिसको पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझा-बुझा कर खुलवाया।

बुलंदशहर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के सलेमपुर क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन बच्चों की हत्या कर दी गई जिसके बाद जिले में सनसनी फैल गई है। हत्या के बाद बच्चों के शव कुएं में फेंक दिए गए। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो मृतकों के शव शनिवार सुबह बरामद किए गए।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी मामले में हुई हिंसा मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। स्याना के महाव गांव में हुई गोकशी में गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया है।

बुलंदशहर कांड में आरोपी सेना के जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू ने यूपी एसटीएफ के सामने कई रहस्यों से पर्दा उठाया। जीतू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के समय वो भीड़ के साथ मौजूद था। पुणे में तैनात जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र फौजी ने कहा मेरा भाई निर्दोष है।

आईपीएस अफसर प्रभाकर चौधरी को सीतापुर के पुलिस कप्तान की कुर्सी से हटाए जाने के बाद स्थानीय वकील भले ही अपनी जीत मान रहे हों लेकिन सरकार ने उन्हें डैमेज कंट्रोल के लिए बुलंदशहर का एसएसपी बना कर नया सन्देश दिया है।