Citizenship Amendment Bill

देश में नागरिकता कानून में बदलाव के बारे में तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। किसी खास मकसद से विशेषकर मुस्लिमों को भडक़ाया जा रहा है मानो उन्हें इस कानून के तहत देश से निकाल दिया जाएगा या उनकी नागरिकता छीन ली जाएगी मगर सच्चाई तो ये है कि ऐसा कुछ भी इस कानून में नहीं है।

गिरफ्तार सपाइयों को पुलिस लाइन ले जाया गया जहां धारा 144 के उल्लंघन पर धारा 151 के तहत सपा के पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा सहित 366 लोगों के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।

संसद के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन बिल पास कराने में मोदी सरकार के मददगार बने बीजू जनता दल के नेता और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने देश भर में एनआरसी लागू करने का विरोध किया है।

नागरिकता संशोधन बिल दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही अब कानून का रूप ले चुका है। इस बिल के कानून का रूप अख्तियार करते ही पूर्वोत्तर के राज्यों सहित गैर भाजपा प्रदेशों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है।

नागरिकता संशोधन बिल को संसद से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिल को अपनी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद पूरे देश में हिंसा का माहौल बना हुआ है।

विरोध प्रदर्शन हेतु"संविधान विरोधी भाजपा सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी" छात्रों पर लाठी चलाने वाली भाजपा सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी" आदि नारे लगाते हुए निकले मुख्य मार्ग पर ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स लिए नगर कोतवाल नितीश श्रीवास्तव ने घेर लिया।

जिलाधिकारी झा ने नागरिकता (संसोधन) विधेयक के बारे में उपस्थित लोगो को विस्तार से विधिवत जानकारी देते हुए इस बिल को ठीक से समझने की सलाह दी। उन्होनें कहा कि हम लोक तंत्र मे रह रहे है और हम गंगा-जमुनी तहजीब के लोग है।

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर पश्चिम बंगाल में विरोध जारी है। इसी क्रम में रविवार को खड़गपुर में रेल रोको आंदोलन होगा। इस आंदोलन के चलते हावड़ा-मुंबई रूट की आठ ट्रेनें प्रभावित होंगी।

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद से ही असम में जबरदस्त विरोध हो रहा है। लोग अपनी परीक्षाएं और नौकरियां छोड़कर सड़क पर निकल चुके हैं और इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके चलते पुलिस और लोगों के बीच हिंसक टकराव देखने को मिल रहा है।

अपनी दूसरी पारी में पीएम नरेन्द्र मोदी अपनी पहली पारी की अपेक्षा ज्यादा आक्रामक अंदाज में बैटिंग करते नजर आ रहे हैं। इस बार गृहमंत्री के रूप में उन्हें अमित शाह जैसा मजबूत साथी मिला है जो संसद में विपक्ष के हर वार का तीखे अंदाज में जवाब देकर उसकी बोलती बंद करने में सक्षम है।