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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 28 फरवरी को हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य और मर्चेंट नेवी के जहाजों की गतिविधियों की निगरानी के लिए DRDO द्वारा विकसित एक उपग्रह ‘सिंधू नेत्र’ प्रक्षेपित किया।

देश के शक्तिशाली अर्जुन टैंक की डीआरडीओ ने फायर पावर क्षमता को काफी बढ़ाया है। ये अर्जुन टैंक में नई टेक्नोलॉजी का ट्रांसमिशन सिस्टम है। इस तकनीकी से अर्जुन टैंक आसानी से अपने लक्ष्य को ढूंढ लेता है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बीते दिन सोमवार को ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में शॉर्ट रेंज की जमीन से हवा में मार करने वाली महाशक्तिशाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। देश की इस मिसाइल को वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (VL-SRSAM) कहते हैं।

युद्धक टैंक अर्जुन मार्क 1 ए को पूरी तरह DRDO ने भारतीय सेना के साथ समन्वय करके तैयार किया है। ये 118 टैंक सेना के पहले बैच में शामिल किए जाएंगे।

DRDO ने आकाश-एनजी (न्यू जेनरेशन) मिसाइल (Akash-NG Missile) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा के तट से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।

इसके अलावा एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों के पूरे परिवार को प्रदर्शित करेगा। लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ़्ट तेजस ने भारतीय नौ सेना के विमान वाहक जहाज़ से उडान भरने और उतरने की एक बड़ी प्रौद्योगिकी क्षमता का मील का पत्थर हासिल किया है।

रक्षा PSU हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL ) ने गुरूवार को स्वदेशी हॉक-आई कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा के तट से एक स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन का सफलतापूर्वक परिक्षण किया।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंस ने मिलकर एक कमाल कर दिखाया है। CRPF और DRDO ने मिलकर एक बाइक एंबुलेंस को बनाया है, जिसका इसका नाम रक्षिता रखा गया है।

देश की पहली स्वदेशी मशीन पिस्तौल ASMI (Machine Pistol ASMI) बेहद खास है। डीआरडीओ ने इसे भारतीय की मदद से विकसित किया है।

देश की रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर, पू्र्वी लद्दाख और सियाचीन की सीमाओं पर तैनात सेना के जांबाज जवानों के लिए डीआरडीओ(DRDO) ने ‘हिम तापक‘ नाम की एक खास डिवाइस बनाई है, जो जवानों को सुरक्षित रखेगी।