health

कोई वैक्सीन कितनी असरदार है इसका एक आसान सा फार्मूला होता है। मान लीजिये कि कि किसी वैक्सीन के ट्रायल में 20 हजार लोग शामिल होते हैं। इनमें से दस हजार लोगों को वैक्सीन की खुराक और दूसरे दस हजार लोगों को सादी या ब्लैंक खुराक दी जायेगी।

आज की युवा पीढ़ी के बीच सिगरेट, गांजा, चरस, एलएसडी और नशीले पदार्थों का सेवन करना एक ट्रेंड सा बन गया है। वो बस अपने आपको इसमें डूबा हुआ ही पाना चाहते हैं।

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदर पूनावाला ने कहा है कि सब कुछ इसपर निर्भर करता है कि ट्रायल के अंतिम परिणाम क्या रहते हैं और नियामक संस्था क्या निर्णय लेती है। वैसे अभी तक वैक्सीन के नतीजे अच्छे रहे हैं।

14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग की जयंती पड़ती है। जिन्होंने 1922 में चार्ल्स बेस्ट के साथ इंसुलिन की खोज की थी। 1991 में इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस रोग से बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर और इसके प्रति जारूकता फैलाने के लिए सबसे पहले डायबिटीज़ दिवस मनाया गया था।

निमोनिया किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है लेकिन कम उम्र के बच्चों में यह बहुत खतरनाक हो जाता है। यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018-19 में निमोनिया से भारत में दो साल से कम उम्र के करीब 01 लाख 27 हजार तथा दुनिया भर में करीब 08 लाख बच्चों की मौत हुई है।

भारत में फाइलेरिया के लगभग करोड़ों मरीज हैं लेकिन ज्यादातर लोगों में ये बीमारी इस स्टेज पर नहीं पहुंची है कि उनमें लक्षण दिखें, यानी उनके हाथ, पैरों में सूजन नजर आने लगे, जिसे हाथी पांव कहते हैं।

आज हम आपको घर में रखें फलों से फ्रूट फेस पैक बनाना सिखाते हैं। आप फ्रूट फेस पैक के लिए इन फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दुनिया में कम से कम नौ ऐसे देश हैं जिन्होंने अभी तक कोरोना को सफलतापूर्वक कंट्रोल किया हुआ है। ये देश हैं – न्यूजीलैंड, आइसलैंड, तंज़ानिया, फिजी, मोंटेनेग्रो, वैटिकन सिटी, सेचेल्स, मारीशस और पापुआ न्यू गिनी। इसके अलावा चीन, ताइवान, कोरिया भी सफलता पूर्वक कोरोना अको कंट्रोल कर सके।

वीगन डाइट के लिए प्रेरित करने वाले यह मानते हैं कि मनुष्यों के साथ ही पशुओं को भी पूरी स्वतंत्रता और स्वच्छंदता से पृथ्वी पर रहने का अधिकार है। यह पृथ्वी जितनी मनुष्यों की है उतनी ही पशु-पक्षियों व अन्य जीवों की भी है।

शहर के मध्य यहां के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य रहने के लिए प्रातः मार्निंग वाक के लिये मात्र एक सुरक्षित एवं शुद्ध वातावरण युक्त स्थान है शाही किला। जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक सुबह के समय वाक एवं व्यायाम आदि करके स्वस्थ रहने का प्रयास करते थे।