indian ocean

चीन के नापाक उद्देश्यों को लेकर रक्षा मामलों के विश्लेषक एचआई सटन (HI Sutton) द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने हिंद महासागर में सी विंग(हेयी) ग्लाइडर्स नाम से प्रसिद्ध अंडरवाटर(जल के अंदर) ड्रोन्स का एक बड़ा बेड़ा तैनात किया है।

चीन अब अपनी नई रणनीति के साथ खड़ा है। सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन हिंद महासागर (Indian Ocean) में सी विंग (Sea Wing) (हैयी) ग्लाईडर तैनात किए हैं। ऐसे में चीन ने नौसेना से जुड़े इंटेलीजेंस के उद्देश्य से इन अंडरवॉटर ड्रोन (Underwater Drones) को तैनात किया है।

अरब सागर और हिंद महासागर में आईएनएस विक्रमादित्य एयरक्राफ्ट कैरियर से मिग-29एस ने आसमान में उड़ान भरी। दुश्मनों की कांपती हड्डियां इस बात का सबूत हैं कि आसमान में इन उड़ाने से उनके नापाक हौसले चूर-चूर हो गए हैं।

चीन को कड़ी चुनौती देने के लिए जर्मनी अब अपनी तैयारियों में जुट गया है। हिंद महासागर इलाके में जर्मनी ने अपने युद्धपोतों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इस बारे में जर्मनी की रक्षा मंत्री अन्नग्रेट क्रांप ने जानकारी दी है।

ताइवान और भारत के करीबी संपर्क से बौखलाए चीन ने हिंद महासागर में परिवहन जोखिमों की चेतावनी दी है। साथ ही ये भी कहा है कि अगर भारत चीन से सीमा वार्ता पर ताइवान का सवाल उठाता है तो चीन जवाबी कार्रवाई करेगा। 

अमेरिका ने हिंद महासागर में परमाणु मिसाइलों से लैस अपने दो घातक हथियार भेजे हैं। ये हथियार भारत की रक्षा में तैनात किए गए हैं। अमेरिका ने ये कदम चीन को सबक सिखाने के लिए उठाया है। 

सीमा विवाद को लेकर भारत से बढ़ते तनाव के बाद चीन की मुश्किलें लगातार बढती ही जा रही हैं। चीन की विस्तारवादी नीतियों से भारत और अमेरिका समेत कई बड़े मुल्क पहले से खफा हैं।

ताजा खबरें सामने आ रही हैं। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनातनी के चलते अब जापान अहम भूमिका निभाता दिखाई दे रहा है। बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने जापान के साथ मिलकर हिंद महासागर में चीन की घेराबंदी करना शुरू कर दिया है।

श्रीलंका के तट पर बड़ा हादसा हो गया है। एक आयल टैंकर में भीषण आग लग गई है जिसको दूसरे दिन भी बुछाया नहीं जा सका है और अभी भी रेस्क्यू जारी है।

गहरे समुद्र में रहने वाला यह विशालकाय जीव किसी लकड़ी के पट्टे की तरह दिखता, जो कि बैथिनोमस प्रजाति का है। इसे वैज्ञानिकों ने कई स्टडी के बाद समुद्री कॉक्रोच माना है।