Kota

राजस्थान (Rajasthan) में भयानक हादसा हो गया। बूंदी में चंबल (Chambal) नदी को पार करते हुए एक नाव पलट गई। ताजा मिली जानकारी के अनुसार, नाव में सवार 25 से 30 लोगों के डूबने की खबर सामने आ रही है।

कलेक्टर उज्जवल राठौड़ ने पत्रकारों से कहा कि अब स्थिति को नियंत्रित कर पाना बड़ा मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से रायशुमारी की। इसके बाद कोटा नगर निगम क्षेत्र में 8 दिन का लॉकडाउन लगाने का बड़ा फैसला लिया है

राजस्थान के कोटा से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां के चौपाटी बाजार में एक जूस की दुकान से जूस पीने वाले नौ लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है।

कोटा में लॉकडाउन के दौरान फंसे छात्रों को उनके होम टाउन में बसों और ट्रेनों से पहुंचाने को लेकर शुरू हुआ वाद विवाद अभी थमा नहीं है। इसी कड़ी में ताजा बयान बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का आया है।

राजस्थान के कोटा शहर में फंसे छात्रों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार के करीब 11 हजार छात्र यहां पर अभी भी फंसे हुए हैं। छात्रों ने घर जाने की मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया था।

इस बीच राजस्थान के कोटा से खबर है कि यहां लॉकडाउन के कारण फंसे सैकड़ों छात्रों ने भूख हडताल शुरू कर दी है। उनकी बस एक ही मांग हैं कि उन्हें किसी भी तरह से यहां से उनके घर पहुंचाया जा सके।

राजस्थान में भी कोरोना का प्रकोप जारी हैं। धीरे-धीरे भीलवाड़ा के बाद जयपुर, जोधपुर, उदयपुर , झालावाड़ और फिर कोटा में कोरोना के मरीज की संख्या बढ़ने लगी है। कोटा में जब से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी है। तब पूरे देश में हलचल मच गया है। कारण ये है कि कोटा में देश के ज्यादातर राज्यों के बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए कोटा गए विभिन्न राज्यों के छात्रों की जल्द ही घर वापसी हो सकती है। कोचिंग करने के लिए गए ये छात्र लॉकडाउन के कारण कई दिनों से वहां फंसे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 या उससे अधिक कोरोना पाॅजिटिव केसेज वाले जनपदों में लाॅक डाउन व्यवस्था को पूरी तरह से जारी रखने को कहा है।

कोटा और देश के विभिन्न जगहों पर बसे बिहार के छात्रों और मजदूरों के मुद्दे पर बिहार की सियासत गरमा गई है। राजद के नेता तेजस्वी यादव और चुनाव विशेषज्ञ प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जबर्दस्त हमला बोला है।