nirbhaya case

निर्भया कांड के चारों आरोपियों को आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। निर्भया के माता-पिता के साथ पूरे देश के लिए ये ऐतिहासिक फैसला है।

आखिरकार साढ़े 7 साल बाद निर्भया को इंसाफ मिल ही गया। शुक्रवार सुबह ठीक 5:30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को सूली पर चढ़ाया गया।

आज सात साल बाद आखिरकार निर्भया को इंसाफ मिल ही गया। शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को सूली पर चढ़ाया गया। तिहाड़ जेल के फांसी घर में निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई।

आखिरकार साढ़े 7 साल बाद देश की निर्भया को न्याय मिल गया। आज सुबह 5.30 बजे तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी दे दी गई। इससे पहले दोषियों के वकील एपी सिंह ने आखिरी वक्त तक दोषियों को फांसी से बचाने की कोशिश की। देर रात सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दी, जिसके बाद चारों दोषियों के फांसी का रास्ता साफ हो गया। और एक बार फिर साबित हो गया, 'अन्याय पर न्याय की विजय' देर से ही सही मगर होती जरूर है।

सात साल बाद निर्भया के दोषियों को आखिरकार सजा मिल ही गयी। शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे साल 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप कांड में इंसाफ हुआ। तिहाड़ जेल के फांसी घर में निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई। निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया।

निर्भया के चारों दोषियो को आज शुक्रवार सुबह 5.30 बजे फांसी दे दी गई।  7 साल के लंबे इंतजार के बाद आज न्याय की जीत हुई। निर्भया की मां ने न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खाईं। सारा देश सड़कों पर उतरा, अनशन किया, लाठी खाई। ये सारे देश की जीत है। अब हमें देश में एक कठोर सिस्टम बनाना है।

निर्भया रेप केस में कल यानी शुक्रवार को चारों दोषियों को फांसी दी जानी है। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। इसी बीच कोर्ट के बाहर...

निर्भया के गुनहगार अपनी फांसी से बचने के लिए तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में भी आज निर्भया के गुनहगारों ने अर्जी लगाई है, जिस पर थोड़ी...

शुक्रवार को निर्भया के दोषियों को फांसी दी जानी है, लेकिन एक बार फिर से दोषियों की पैंतरेबाजी शुरु हो गई है, ताकि वो सभी फांसी की सजा से बच सके।

निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में आरोपी हर बार फांसी के एक दिन पहले हर पैंतरा अपनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सभी आरोपी फांसी की सजा रुकवाने के लिए कोई न कोई नया-नया बहाना बना ही ले रहे हैं।