nirbhaya case

निर्भया केस के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की मांग वाली केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज 25 फरवरी को सुनवाई करते हुए इसे 5 मार्च तक के लिए टाल दिया है।

निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के दोषियों को तीन मार्च को फांसी दी जानी है लेकिन तरह तरह के पैंतरे अपना रहे अपराधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।

बता दें कि एपी सिंह ने इलेक्शन कमीशन में दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि 'दया याचिका खारिज करने की जो सिफारिश दिल्ली सरकार ने की थी, उस समय वह (मनीष सिसोदिया) ना तो विधायक थे, क्योंकि आदर्श आचार संहिता लागू थी।

निर्भया गैंगरेप मामले में दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए नया डेथ वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट ने फांसी के लिए 3 मार्च का दिन तय किया है। हालांकि मामले में निर्भया के दोषी फांसी से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं।

निर्भया गैंगरेप केस में फांसी में हो रही देरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा के मामलों के लिए गाइडलाइन तय की है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की...

निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gangrape) में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति बेहोश हो गईं। वो इस दौरान दोषियों के अलग-अलग निष्पादन पर केंद्र द्वारा दाखिल किए गए जवाब को सुन रही थीं।

बता दें कि पहले पवन का केस वकील एपी सिंह लड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि अब वो उसका नोटिस नहीं लेंगे। बुधवार को एपी सिंह इस केस से अलग हो गए थे। ऐसे में कोर्ट ने दोषी पवन को नया वकील मुहैया कराया है ताकि वो कोर्ट में अपना पक्ष रख सके।

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले दोषी विनय शर्मा की याचिका पर आज 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्वारा विनय शर्मा की दया याचिका खारिज करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दोषी की ओर से याचिका दाखिल की गई है।