ramadan

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रमजान के मद्देनजर कम जोखिम वाले 132 शहरों में मस्जिदें खोलने का निर्णय लिया है। अब इन शहरों की मस्जिदों में जुमे की नमाज भी अदा की जाएगी।

इन मुस्लिम कैदियों के लिए रात 3:00 बजे उठकर 150 हिंदू कैदी सहरी तैयार करते हैं। इस सहरी में इन कैदियों को चाय और रोटी दी जाती है। साथ ही शाम को इफ्तारी का जिम्मा भी इन हिंदू कैदियों पर है।

पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी इफ्तार की तैयारी में जुटे एक परिवार पर कहर के काल बन गई। चल रहे रोजे का पालन करने वाले इस परिवार का 16 वर्षीय नौजवान युवक गुलफराज अहमद भूखे- प्यासे ही दुनिया से चला गया।

रमजान का महीना चल रहा है, रोजा भी रखा हुआ है। महिला हैं तो घर भी सम्भालना हैं, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमणकाल में वह घर-घर जाकर खाताधारकों को रुपए बांटने की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर से एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है, जो कि लालापेट पुलिस स्टेशन में तैनात करीमुल्ला असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की है। ASI अपने ड्यूटी के साथ-साथ रोजा भी रखे रहे हैं।

मुसलमानों को अस्पतालों में चिकन बिरयानी खाने को दी जाएगी। इसके लिए अस्पतालों में मुसलमानों के लिए अलग से ख़ास डाइट चार्ट तैयार किया जा रहा है। सुबह और शाम को भी खाने में लजीज और पौष्टिक भोजन परोसे जाएंगे।

पवित्र रमजान से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को भी सुरक्षा की दृष्टि से अमेठी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद थी। लाकडाउन के दौरान आज जुमे की नमाज को लेकर अमेठी मे सभी मस्जिदो पर पुलिस के पहरे बिठाए गए थे।

हिजरी कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना रमजान का होता है। इसकी शुरुआत चांद पर निर्भर करती हैं। पवित्र रमजान के महीना को इस्लाम में बेहद पाक माना जाता है। चांद के दीदार  के साथ रोजे रखे जाते हैं। रमजान के पूरे महीने रोजे रखे जाते हैं और माना जाता हैं कि इस महीने रोजा रखने वाले रोजेदारों को कई गुना सवाब मिलता है

इस्लामिक धार्मिक समूहों के दबाव के चलते पाकिस्तान की इमरान सरकार ने मस्जिद बंद रखने का अपना फैसला वापस ले लिया है। वहीं इसके बाद अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान मस्जिदों को खुली रखने के फैसले का बचाव करते नजर आ रहे हैं।