sawan

देवों के देव महादेव देवताओं में सबसे श्रेष्ठ हैं। जब भगवान शिव की पूजा की जाती है तो विधि-विधान का बहुत ख्याल रखना पड़ता है। समस्त जगत के प्राणी शिव की पूजा सावधानी के साथ करते हैं, लेकिन क्या अविवाहित लड़कियों को शिव की पूजा करनी चाहिए।

सावन का महीना पवन करे शोर',कभी ये गाना सावन आते ही लोगों की जुबान पर खुद-ब-खुद आ जाता था। आज वक्त ने ऐसी करवट ली है कि सावन तो आता है पर अपने रंग नहीं बिखेर पाता। जिस सावन के आते ही नववधु के पैर ससुराल से मायके की दहलीज तक पहुंचते थे।

सूर्योदय:  05:37,सूर्यास्त: 19:18,पक्ष:   कृष्ण पक्ष,तिथि:पञ्चमी - 14:04 तक,नक्षत्र : पूर्व भाद्रपद - 10:25 तक,सूर्य राशि:कर्क,चंद्र राशि: मीन,राहुकाल :07:22 - 09:04

यदि शादी हुए काफी समय बीत गया है और  संतान सुख से वंचित हैं तो भगवान शिव संतान सुख का आशीर्वाद भी प्रदान करेंगे, साथ ही यदि धन की कमी आ रही है या आमदनी नहीं बढ़ रही है तो इस समस्या का समाधान भी होगा। नीचे तीन उपाय दिए गए हैं, 

शिव की नगरी काशी में सावन में अभेद्य सुरक्षा की तैयारी की जा रही है। थल, जल और नभ से निगरानी की जाएगी। इसके लिए खासतौर से हेलिकॉप्टर मंगाए गए हैं। सूबे के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय और डीजीपी ओपी सिंह सीधी निगरानी रखे हुए हैं।

सावन माह शुरु होने में अभी कुछ  ही दिन बाकी है, हिन्दू धर्म में सावन मास को बहुत पवित्र माना गया है और इस मास में भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना किया जाता हैं जिसका शुभ फल और भगवान की विशेष कृपा बनी रहती है। हर साल की तरह इस साल सावन 17 जुलाई 2019 से शुरु होगा।

वाराणसी: सावन माह में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने काशी पहुंचे श्रद्धालुओं का एक दल हादसे का शिकार हो गया। श्रद्धालुओं से भरी बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में 40 लोग जख्मी हो गए। इनमें से 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ के जवानों ने …

हरिद्वार: हिंदू धर्मावलंबी सावन मास को सभी मासों में पवित्र मास मानते है। इस माह में शिव-पार्वती के पूजन का विधान है। वैसे तो इनका पूजन हर मास में किया जाता है, लेकिन सावन में पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसलिए प्रिय है शिव को सावन माह पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान भोले …

जयपुर: ‘सावन का महीना पवन करे शोर’,कभी ये गाना सावन आते ही लोगों की जुबान पर खुद-ब-खुद आ जाता था। आज वक्त ने ऐसी करवट ली है कि सावन तो आता है पर अपने रंग नहीं बिखेर पाता। जिस सावन के आते ही नववधु के पैर ससुराल से मायके की दहलीज तक पहुंचते थे। मां …