Tripura

केंद्र की मोदी सरकार ने लंबे समय से चली आ रही ब्रू समुदाय की समस्या को दूर करने की घोषणा की है। ब्रू समुदाय के लोग अब स्थायी रूप से त्रिपुरा में बसाए जाएंगे। ब्रू समुदाय 1997 में मिजोरम से विस्थापित हुआ था जिसके बाद से हजारों लोग त्रिपुरा में बनाए गए शरणार्थी कैंपों में रह रहे थे।

उन्नाव और हैदराबाद रेप मामले के माहौल से देश में गुस्से का माहौल पैदा कर रखा है, वहीं अब नार्थ-ईस्ट के त्रिपुरा राज्य से भी ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।

आपने लोगों के साथ जबरदस्ती होते हुए देखा होगा। ये काम सिर्फ गुंडे-मवाली लोग ही करते हैं लेकिन क्या आपने कभी ये सुना कि किसी बैंक वालों ने अपने कस्टमर्स के साथ जबरदस्ती कर उसे पिटा होगा।

15 अक्टूबर 1949 को हुई विलय संधि को लेकर इन चरमपंथी संस्थानों का कहना है कि यह दिन हम काले दिन के रूप में मनाते हैं। चरमपंथी संस्थानों का ऐसा इसलिए कहना है क्योंकि वह इस संधि को नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि जिस साल में ये संधि हुई, वह एक बुरा दौर था।

छत्तीसगढ़, केरल, त्रिपुरा, और यूपी, चार राज्य विधान सभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। इन सभी राज्यों की विधान सभा सीटों पर मतदान 23 सितंबर को सम्पन्न होंगे।

त्रिपुरा की सत्तारूढ़ पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के विधायक धनंजय ने उन पर दुष्कर्म और धोखा देने का आरोप लगाने वाली महिला से शादी कर ली है। इससे पहले धनंजय के वकील अमित देबबर्मा ने इसकी पुष्टि की।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने अपने मंत्रिमंडल से स्वास्थ्य मंत्री सुदीप रॉय बर्मन को हटा दिया है। राज्य सरकार की एक अधिसूचना में बताया गया है कि बर्मन को शुक्रवार को मंत्रिमंडल से हटा गया है। करीब एक हफ्ते पहले देब ने ‘भाजपा के अंदर दुश्मनों’’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को चेतवानी दी थी।

कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा पर त्रिपुरा में लोकसभा चुनाव में उसके पक्ष में मतदान नहीं करने वाले मतदाताओं पर हिंसक हमले करने का आरोप लगाया और भाजपा शासित राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए असम राइफल्स की नियुक्ति की मांगी की।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को शाम 6 बजे संपन्न हो गया। देश के 18 राज्‍यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो गई थी। पहले चरण में सबसे ज्‍यादा वोटिंग पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में हुई।

 त्रिपुरा में लगातार दो दिन कालबैसाखी आने के कारण एक महिला की मौत हो गई और करीब 6000 लोग बेघर हो गये। साथ ही झोपड़ियों और फसलों को नुकसान पहुंचा और पेड़ एवं बिजली के खंभे उखड़ गये। एक सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।