zodiac sign

माह – मार्गशीर्ष,तिथि – षष्ठी ,पक्ष – कृष्ण,वार – सोमवार,नक्षत्र – पुष्य , सूर्योदय – 06:45 सूर्यास्त – 17:26।चौघड़िया अमृत – 06:50 से 08:09, शुभ – 09:28 से 10:47,चर – 13:25 से 14:44, लाभ – 14:44 से 16:03।

माह – मार्गशीर्ष, तिथि – पंचमी , पक्ष – कृष्ण, वार – रविवार, नक्षत्र – पुनर्वसु , सूर्योदय – 06:44, सूर्यास्त – 17:26, चौघड़िया, चर – 08:08 से 09:27,लाभ – 09:27 से 10:47, अमृत – 10:47 से 12:06, शुभ – 13:25 से 14:44

जयपुर माह – कार्तिक,तिथि – द्वादशी ,पक्ष – शुक्ल,वार – शनिवार, नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद,सूर्योदय – 06:38, सूर्यास्त – 17:30,चौघड़िया शुभ – 08:03 से 09:24, चर – 12:05 से 13:25, लाभ – 13:25 से 14:46, अमृत – 14:46 से 16:06।

माह – कार्तिक, तिथि – एकादशी , पक्ष – शुक्ल, वार – शुक्रवार, नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद ,सूर्योदय – 06:37, सूर्यास्त – 17:31, चौघड़िया चर – 06:42 से 08:03, लाभ – 08:03 से 09:23, अमृत – 09:23 से 10:44, शुभ – 12:05 से 13:25। स्नान दान व्रत से करें एकादशी तिथि  का शुभारंभ।

माह – कार्तिक, तिथि – दशमी ,  पक्ष – शुक्ल,वार – बृहस्पतिवार,नक्षत्र – शतभिषा , सूर्योदय – 06:37,सूर्यास्त – 17:32, राहुकाल  – 13:26:33 से 14:48:26 तक, चौघड़िया शुभ – 06:41 से 08:02, चर – 10:44 से 12:05, लाभ – 12:05 से 13:25, अमृत – 13:25 से 14:46।

माह – कार्तिक, तिथि – पंचमी , पक्ष – शुक्ल, वार – शुक्रवार, नक्षत्र – मूल , सूर्योदय – 06:32, सूर्यास्त – 17:36, चौघड़िया चर – 06:37 से 07:59, लाभ – 07:59 से 09:21, अमृत – 09:21 से 10:42, शुभ – 12:04 से 13:26। आज छठ पर्व का दूसरा दिन पंचमी तिथि व खरना है।

जयपुर:माह – कार्तिक, तिथि – अमावस्या – 09:10:52 तक, प्रतिपदा – 30:15:41 तक, पक्ष – शुक्ल, वार – सोमवार, नक्षत्र – स्वाति , सूर्योदय – 06:29,सूर्यास्त – 17:39,चौघड़िया अमृत – 06:34 से 07:56, शुभ – 09:19 से 10:42, चर – 13:27 से 14:50,लाभ – 14:50 से 16:13।

माह – कार्तिक, तिथि – द्वादशी, पक्ष – कृष्ण, वार – शुक्रवार, नक्षत्र – पूर्वा फाल्गुनी, सूर्योदय – 06:27,सूर्यास्त – 17:42, चौघड़िया चर – 06:32 से 07:55,लाभ – 07:55 से 09:18, अमृत – 09:18 से 10:42,शुभ – 12:05 से 13:28। मेष शुक्रवार धनतेरस का दिन आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। कुछ नए दोस्त बन सकते हैं। सामाजिक दायरा बहुत हद तक बढ़ेगा। व्यवसाय में लाभ मिल सकता है। दैनिक कार्यों में पूर्ण रूप से सफलता …

बेटी के बड़ी होते ही उसके विवाह की चिंता माता पिता को सताने लगती है और जब कुंडली की गड़बडी की वजह से  शादी में विलंब होते हैं तो माता-पिता के लिए परेशानियां और बढ़ जाती है।अगर आप भी अपनी बेटी की शादी को लेकर परेशान है

पक्ष- कृष्ण, माह- कार्तिक नक्षत्र-भरणी, तिथि, द्वितीया, सूर्योदय-6.21, सूर्यास्त-17.57। मंगलवार के दिन हनुमान जी को चौमुखी दीप जलाएं।