बीएड प्रवेश परीक्षा 2020: कोरोना का दिखा पूरा असर, उपमुख़्यमंत्री ने लिया ये निर्णय

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2020 के लिए निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने पर रोक लगाते हुए कहा है कि जहां तक सम्भव हो केवल शासकीय महाविद्यालयों या विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए तथा केवल उन्हीं महाविद्यालयों या विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया जाय, जिनकी छवि अच्छी हो तथा पूर्व में जिनके विरूद्ध कोई प्रतिकूल तथ्य न हों।

बीएड प्रवेश परीक्षा 2020: कोरोना का दिखा पूरा असर, उपमुख़्यमंत्री ने लिया ये निर्णय

बीएड प्रवेश परीक्षा 2020: कोरोना का दिखा पूरा असर, उपमुख़्यमंत्री ने लिया ये निर्णय

लखनऊ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2020 के लिए निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने पर रोक लगाते हुए कहा है कि जहां तक सम्भव हो केवल शासकीय महाविद्यालयों या विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए तथा केवल उन्हीं महाविद्यालयों या विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया जाय, जिनकी छवि अच्छी हो तथा पूर्व में जिनके विरूद्ध कोई प्रतिकूल तथ्य न हों। उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षित चहारदीवारी हो तथा सीसीटीवी कैमरे वाइस रिकार्डर, डीवीआर व राउटर डिवाइस के साथ क्रियाशील दशा में लगे हों।

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बीएड-2020 की प्रवेश प्रक्रिया

संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2020 की प्रवेश प्रक्रिया को नकलविहीन, शुचितापूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराने के लिए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं रजिस्ट्रार, सम्बंधित जनपदीय अधिकारियों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ बुधवार को बैठक कर रहे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने निर्देश दिए कि हर परीक्षा केन्द्र पर कक्षों तथा फर्नीचर इत्यादि को सैनेटाइज कराने की पर्याप्त व्यवस्था की जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय कि प्रत्येक परीक्षार्थी और कक्ष निरीक्षक तथा परीक्षा से सम्बंधित अन्य कर्मी मास्क लगाकर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित की जाय, किसी भी परीक्षा केन्द्र पर किसी भी दशा में नकल न होने पाये।

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डा. शर्मा ने परीक्षा केन्द्र नगरीय क्षेत्रों में और यथा सम्भव जिला मुख्यालय के निकट ही बनाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि
जिन जनपदों में 20 से अधिक परीक्षा केन्द्र स्थापित किये जाने हैं, उनमें विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को ही नोडल कोआर्डिनेटर नामित किये जायें।

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परीक्षा केन्द्रों की संख्या में वृद्धि

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के कारण बदली हुई परिस्थितियों में सामाजिक व शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए आवश्यकतानुसार परीक्षा केन्द्रों की संख्या में वृद्धि कर ली जाय।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में परीक्षा के संचालन व पर्यवेक्षण के लिए एक संयुक्त समिति गठित की जाये, जिसमें जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी या जिला विद्यालय निरीक्षक तथा लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा नामित एक अधिकारी सम्मिलित होंगे।

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समिति द्वारा परीक्षा केन्द्रों की स्क्रीनिंग की जायेगी, और आवश्यक व्यवस्थायें बनाते हुए आगामी 09 अगस्त को नकलरहित शुचिता पूर्ण परीक्षा भी सुनिश्चित करायी जाए। परीक्षा केन्द्रों पर पर्यवेक्षण के लिए एक वरिष्ठ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की जायेगी।

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उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनपद आगरा, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज तथा वाराणसी में काफी अधिक संख्या में केन्द्रों की आवश्यकता दिखायी गयी है। परीक्षा केन्द्रों की उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए आस-पास के जनपदों में परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ायी जा सकती है।

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बता दे कि आगामी 09 अगस्त को आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2020 के परीक्षा परिणाम की घोषणा 28 अगस्त को तथा काउंसिलिंग प्रक्रिया 14 से 17 सितम्बर के बीच सम्पन्न करायी जायेगी।