What Is CPR: कार्डियक अरेस्ट आने पर मरीज़ की जान कैसे बचाएं, कैसे दें सकते है सीपीआर?

What Is CPR: कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में व्यक्ति की धड़कने बढ़ कर 300-400 तक हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर नीचे की ओर तेज़ी से गिरने लगता है। दिल के फंक्शन में अनियमितता आ जाती है।

Report :  Preeti Mishra
Update: 2022-06-02 12:52 GMT

कार्डियक अरेस्ट: Photo - Social Media

Lucknow: बीते कुछ सालों में 40 साल से लेकर 55 साल आयु वर्ग वाले लोग बहुत तेज़ी से कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) के चपेट में आ रहे हैं। देखा जाए तो इनमें से कुछ लोग बेहद ही स्वस्थ, रोज़ाना एक्सरसाइज करने वाले और एक हेल्थी लाइफ स्टाइल फॉलो करने वाले थे। बावजूद इसके वे लोग कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) के कारण अपनी जान गवा चुके हैं। फिर चाहे वो सिद्धार्थ शुक्ला (Siddharth Shukla) हो या गायक केके (singer kk)।

ऐसे और भी कई लोगों की फहरिस्त है जो एक संतुलित लाइफ स्टाइल को फॉलो करने के बावजूद कार्डियक अरेस्ट के कारण अपनी जान गवां चुके हैं। वैसे आमतौर पर इस बीमारी से बचने के लिए एक अच्छे जीवनशैली को अपनाने की सलाह दी जाती हैं। जिसमें संतुलित भोजन के साथ ही खुद को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के व्यायाम करने को भी शामिल किया गया हैं। बावजूद इसके इससे जुड़ा हर केस एक नई बहस को ही छेड़ देता है।

बता दें कि कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) में व्यक्ति का दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। जिससे दिल की धड़कने अनियमित होकर बंद हो जाती है और अतंतः व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि आजकल के लाइफस्टाइल में एक चीज़ सबके पास बहुत ज्यादा मात्रा में है जो है तनाव। जी तनाव हर गंभीर समस्या का आधार माना जाता है।

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आइये सबसे पहले जानते है कि कार्डियक अरेस्‍ट क्या होता है?

उल्लेखनीय है कि कार्डियक अरेस्‍ट (cardiac arrest) की स्थिति में अचानक से व्यक्ति का दिल का काम करना बंद कर देता है । गौरतलब है कि कार्डियक अरेस्‍ट (cardiac arrest) किसी लंबी या पुरानी बीमारी का हिस्‍सा नहीं है, बल्कि कार्डियक अरेस्‍ट (cardiac arrest) को दिल से जुड़ी बीमारियों में सबसे खतरनाक है। अकसर लोग इसे दिल का दौरा पड़ना (heart attack) ही समझते हैं। लेकिन बता दें कि दिल का दौरा और कार्डियक अरेस्‍ट (cardiac arrest)में अंतर होता है।

कार्डियक अरेस्ट आने के कुछ प्रमुख कारण (Cause of cardiac arrest) हो सकते हैं :

- शुगर,

- हाई ब्लडप्रेशर,

- हाई कोलेस्ट्रोल,

- स्मोकिंग,

- लेक ऑफ फ़ज़िकल एक्सरसाइज़,

- ओबेसिटी,

- खराब लाइफ़स्टाइल,

- तनाव कार्डियक अरेस्ट के मुख्य कारण हैं। इसके अलावा भी कोई अन्य समस्या कार्डियक अरेस्ट होने के कारण (cause of cardiac arrest) हो सकते हैं।

कार्डियक अरेस्ट के कुछ प्रमुख लक्षण (Symptoms of cardiac arrest)

उल्लेखनीय है कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में व्यक्ति की धड़कने बढ़ कर 300-400 तक हो जाती हैं। साथ ही ब्लड प्रेशर नीचे की ओर तेज़ी से गिरने लगता है जिससे दिल के फंक्शन में अनियमितता आ जाती है। जिसके कारण शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती है और कुछ ही मिनट में व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

कार्डियक अरेस्‍ट का उपचार (Cardiac arrest treatment)

गौरतलब है कि किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest ) आये तो सबसे पहले तो आपको अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन नंबर पर फोन करके मदद मांगनी चाहिए। वहीं, आपको तुरंत मरीज को सीपीआर देना चाहिए। गौरतलब है कि सीपीआर की मदद से भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।

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कैसे दिया जाता है मरीज को सीपीआर?

गौरतलब है कि सीपीआर देने के लिए सबसे पहले आपको मरीज की छाती पर 30 बार दबाव डालना होता है। इस दौरान अपने दोनों हाथों को एक साथ बांधें और व्यक्ति की छाती के बीच में रखें। इसके बाद छाती के केंद्र यानी बीच में जोर से तेज धक्का दें। धक्का देते समय यह ध्यान दें कि छाती लगभग एक इंच अंदर की तरफ जाए। वहीं, इसे आपको एक मिनट में 100 बार की दर से दबाना है। इस दौरान ध्यान रहे कि कंप्रेशन के बीच छाती को पूरी तरह से ऊपर उठने दें। आपको सीपीआर तब तक देते रहना है, जब तक आपके पास मेडिकल सहायता न पहुंच जाए।

कार्डियक अरेस्‍ट से बचने के उपाय 

- कार्डियक अरेस्‍ट से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप फिट और स्वस्थ रहें।

-कम कार्बोहाइड्रेट और कम कोलेस्ट्रॉल वाला संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।

-जंक और तैलीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें। वहीं, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन से बचें अन्यथा इनसे वजन बढ़ने से हृदय रोगों के जोखिम का खतरा बढ़ जाता है।

-शराब और धूम्रपान से करें परहेज़। अन्यथा इनका सेवन हृदय संबंधी परेशानियों (heart problems) को अधिक बढ़ा सकता हैं। अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधि करें।

यदि आप कार्डियक अरेस्‍ट का कोई भी लक्षण महसूस कर रहे हो तो आप 88569-88569 पर कॉल करके भी डॉक्टर से FREE सलाह पा सकते हैं।

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