नए अध्ययन में दावा: गर्मी में कम नहीं होगा कोरोना का कहर, और बढ़ने के आसार
अमेरिका के प्रसिद्ध प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोध मैं कोरोना वायरस के संबंध में एक नई जानकारी दी गई है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी या उमस भरे मौसम में भी कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार कम नहीं होगी।
नई दिल्ली: अमेरिका के प्रसिद्ध प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोध मैं कोरोना वायरस के संबंध में एक नई जानकारी दी गई है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्मी या उमस भरे मौसम में भी कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार कम नहीं होगी। अध्ययन में बताया गया है कि इस वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण पाने के उपाय करने जरूरी हैं, नहीं तो यह विशाल आबादी के बीच आसानी से फैल सकता है। मौसम और भौगोलिक जलवायु की भिन्नता भी इस वायरस के प्रसार को कम नहीं कर पाएगी।
प्रिंसटन विश्वविद्यालय का यह शोध साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है। पहले यह बात कही जा रही थी कि गर्मी बढ़ने के साथ इस वायरस का प्रकोप और कम हो सकता है मगर प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोध में ठीक उल्टी बात कही गई है।
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उमस भरे मौसम में और मजबूत होगा वायरस
शोधकर्ताओं का कहना है कि उमस या नमी भरे मौसम में इस वायरस के और अधिक मजबूत होने की संभावना है। शोधकर्ताओं के मुताबिक गर्मी का मौसम भी महामारी के प्रसार को नहीं रोक पाएगा। शोध में कहा गया है कि जलवायु की स्थिति संक्रमण की वर्तमान दर में आंशिक कमी ही ला सकती है। वैसे आमतौर पर किसी भी महामारी के प्रसार पर जलवायु का प्रभाव जरूर पड़ता है।
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विभिन्न देशों का दिया उदाहरण
शोध के लेखक बेकर ने ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील और उष्ण कटिबंधीय दक्षिणी गोलार्ध के अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में वायरस का तेजी से प्रसार दिखा है। उन्होंने कहा कि इन देशों में गर्मी के मौसम में वायरस का हमला शुरू हुआ था। इससे साफ होता है कि गर्मी इस महामारी को रोक पाने में सक्षम नहीं है।
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अध्ययन के नतीजे धारणा के विपरीत
इस अध्ययन के पहले यह बात कही जा रही थी कि गर्मी बढ़ने के साथ ही इस वायरस का प्रकोप कम हो सकता है मगर इस अध्ययन के नतीजे पूरी तरह इसके विपरीत हैं। पूरी दुनिया में जिस तरह इस वायरस का संक्रमण फैल रहा है, उससे पता चलता है कि कई ऐसे देश भी कोरोना वायरस की मार से बुरी तरह घिरते जा रहे हैं जहां इन दिनों गर्मी का मौसम चल रहा है। भारत में भी एम्स के डायरेक्टर ने इस बात का अनुमान लगाया था कि जून के महीने में यह महामारी चरम पर पहुंच सकती है और तब देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी इजाफा दिखेगा। भारत में भी इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है मगर कोरोना के केस काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।