Gorakhpur News: MMMUT देश के टॉप-100 शिक्षण संस्थानों में, ऐसे मिली ऊंची उड़ान, अब दुनिया की बड़ी कंपनियों की नजर

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय ही टॉप-100 में जगह बना पाए हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम स्थान पर है। एमएमएमयूटी दूसरे और लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है।

Update: 2024-08-13 04:02 GMT

मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी (Pic: Newstrack)

Gorakhpur News: केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों की सूची जारी कर दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ 2024) की घोषणा की। रैंकिंग में यूपी के शिक्षण संस्थानों में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विवि (एमएमएमयूटी) तीन कैटेगरी में स्थान बनाने में सफल रहा है। पहली बार टॉप-100 में स्थान बनाते हुए इंजीनियरिंग संस्थानों में 84वां स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय श्रेणी में देश भर में ओवरऑल 94वां स्थान मिला है। देश के राज्य विश्वविद्यालयों के बीच 40वां स्थान मिला है। कुलपति प्रो.जेपी सैनी का कहना है कि यह बड़ी उपलब्धि है। इससे देश-दुनिया में लोगों की नजर में यूनिवर्सिटी आएगा। आने वाले वर्षों में हम और बेहतर करेंगे। आईआईटी का दर्जा घोषित होने की दिशा में यह अहम उपलब्धि है।

एमएमएमयूटी को यह उपलब्धि कई कटेगरी में बेहतर करने पर मिला है। एमएमएमटीयू के फैकल्टी और शोधार्थियों के जनवरी 2022 से दिसंबर 2022 के बीच कुल 800 से अधिक रिसर्च प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हुए। इनमें केमिस्ट्री के प्रो. आरके यादव का रिसर्च अहम रहा था। इसके अलावा जुलाई 2022 से जून 2023 के बीच कुल 14 पेटेंट फाइल किए गए थे। उनमें से 5 को पेटेंट मिल चुका है। इस डाटा का भी एनआईआरएफ रैंकिंग में अहम योगदान रहा। कुलपति प्रो. जेपी सैनी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय इस वर्ष से पेटेंट के लिए लीगल फर्म को हायर करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। पिछले कई वर्षों से मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को एनआईआरएफ में कोई रैंक नहीं मिल रही थी। वर्ष 2020 में पहली बार टॉप-200 में जगह बनाई थी। तब विश्वविद्यालय को 183वां स्थान मिला था। उसके अगले वर्ष 2021 में 251-300 के बैंड में जगह मिली थी। उसके बाद रैंकिंग से करीब-करीब बाहर ही हो गया था। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने पहली बार तीन कैटेगरी में रैंकिंग के लिए आवेदन किया था। इंजीनियरिंग संस्थान, विवि श्रेणी और इनोवेशन। इनोवेशन में सिर्फ टॉप-10 संस्थानों की ही सूची जारी की गई है। इसलिए एमएमएमयूटी को कौन सा स्थान मिला, यह अभी पता नहीं चल सका है। अन्य दो श्रेणियों इंजीनियरिंग और विश्वविद्यालय में स्थान बनाने में सफल रहा है।

सूची में यूपी के विश्वविद्यालय

उत्तर प्रदेश के सिर्फ तीन विश्वविद्यालय ही टॉप-100 में जगह बना पाए हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम स्थान पर है। एमएमएमयूटी दूसरे और लखनऊ विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर है। सरकारी राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में टॉप-50 में उत्तर प्रदेश के मात्र तीन राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इनमें केजीएमयू प्रथम, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वितीय व एमएमएमयूटी (40वां स्थान) तीसरे स्थान पर रहे हैं।

प्लेसमेंट में अभी और होगा सुधार

एमएमएमयूटी के आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. वीएल गोले ने बताया कि एनआईआरएफ द्वारा विभिन्न मानकों जैसे छात्र-छात्राओं की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, संसाधनों की उपलब्धता एवं सदुपयोग, शिक्षकों एवं शोध छात्रों द्वारा प्रकाशित किए जा रहे शोध की संख्या एवं गुणवत्ता, पेटेंट, छात्रों की प्लेसमेंट, परीक्षा का स्तर, अन्य राज्यों-राष्ट्रों के छात्रों, महिलाओं, और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिनिधित्व आदि मानकों पर किसी भी संस्थान को परखा जाता है। इन मानकों में प्रदर्शन के आधार पर संस्थाओं को अंक दिए जाते हैं। सभी संस्थान को मिले अंकों के आधार पर रैंकिंग की जाती है।

एमएमएमयूटी देश के टॉप-100 शिक्षण संस्थानों में पहुंचा

टॉप 10 संस्थान

1. आईआईटी, मद्रास

2. आईआईटी, बेंगलुरु

3. आईआईटी, बॉम्बे

4. आईआईटी, दिल्ली

5. आईआईटी,कानपुर

6. आईआईटी,खड़गपुर

7. एम्स, दिल्ली

8. आईआईटी, रुड़की

9. आईआईटी, गुवाहाटी

10. जेएनयू, दिल्ली

Tags:    

Similar News