Lucknow News: 7 साल से चल रहा था फरार, यूपी STF ने 50 हजार के ईनामी को गुजरात से किया गिरफ्तार
Lucknow News: सोमवार को यूपी STF की टीम ने अवैध हथियार बनाने के मामले में बीते 7 साल से फरार चल रहे प्रमोद विश्वकर्मा नाम के शातिर अभियुक्त को गुजरात के थाना पल्साना क्षेत्र स्थित सूर्यान्श रेजीडेंसी के पास हत्थरू रोड बगुमरा से गिरफ्तार कर लिया।;
Lucknow News Today UP STF Arrest Criminal Making Illegal Weapon From Gujarat
Lucknow News in Hindi: यूपी STF की टीम की ओर से प्रदेश में तेजी के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी बीच सोमवार को यूपी STF की टीम ने अवैध हथियार बनाने के मामले में बीते 7 साल से फरार चल रहे प्रमोद विश्वकर्मा नाम के शातिर अभियुक्त को गुजरात के थाना पल्साना क्षेत्र स्थित सूर्यान्श रेजीडेंसी के पास हत्थरू रोड बगुमरा से गिरफ्तार कर लिया। यूपी STF की टीम ने बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध साल 2018 में आजमगढ़ पुलिस की ओर से 50 हजार का ईनाम घोषित किया गया था।
साल 2011 में हत्या व शव गायब करने के मामले में गया था जेल
अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद यूपी STF की टीम ने बताया कि अभियुक्त के द्वारा साल 2011 में शेषनाथ विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति की हत्या कर लाश को गायब कर दिया था। इस मामले में थाना आजमगढ़ के थाना महराजगंज से अभियुक्त को जेल भेजा गया था। इसके साथ ही टीम ने बताया कि अभियुक्त के पिता द्वारा अवैध शस्त्र का निर्माण किया जाता था, उन्ही के साथ मिलकर अभियुक्त भी अवैध शस्त्र बनाने व उसकी सप्लाई करने का काम करता था।
साल 2018 से फरार चल रहा था 50 हजार का ईनामी अभियुक्त
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2018 में अपने पिता के साथ मिलकर अवैध शस्त्र बनाने एवं बेचने के मामले में आजमगढ़ के थाना रौनापार में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मुकदमे में अभियुक्त वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए छिप-छिपाकर गुजरात के सूरत में वर्ष 2018 से रह रहा था। इसी मुकदमे में अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से अभियुक्त पर 50 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में यह भी बताया कि आजमगढ़ में तमसा नदी के किनारे जंगल में कई वर्षों से अवैध शस्त्र बनाकर उत्तर प्रदेश एवं आसपास के अन्य राज्यों में उसकी सप्लाई करता था। यही पर उसके पिता मोती विश्वकर्मा अवैध शस्त्रों के कारोबार में लिप्त था, जिसके साथ वह भी अवैध शस्त्रों का निर्माण एवं बिक्री किया करता था।