Gorakhpur News: टेराकोटा शिल्प और रेडीमेड गारमेंट के 400 हुनरमंदों को मिला टूलकिट
गोरखपुर जिले की ओडीओपी में योगी सरकार द्वारा शामिल किए गए टेराकोटा माटी शिल्प और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को और ऊंचाई मिलने जा रही है।;
टेराकोटा शिल्प के साथ मास्टर ट्रेनर अखिलेश चंद
Gorakhpur News: गोरखपुर जिले की ओडीओपी में योगी सरकार द्वारा शामिल किए गए टेराकोटा माटी शिल्प और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को और ऊंचाई मिलने जा रही है। दोनों सेक्टरों में शिल्पियों व कारीगरों का हुनर निखारकर उनके कारोबार को चमकाने की तैयारी जारी है। इसी सिलसिले में टेराकोटा व रेडीमेड गारमेंट के कारीगरों को प्रशिक्षित कर अपनी विधा में सिद्धहस्त बनाने के लिए 10 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ एमएसएमई राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने किया।
उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन एंड रिसर्च की तरफ से आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद शिल्पियों, कारीगरों को सरकार की तरफ से टूलकिट भी दिया जाएगा। दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के तहत कुल 400 कारीगरों व शिल्पियों का चयन किया गया है। इनमें 100 टेराकोटा शिल्पी शामिल हैं, शेष 300 रेडीमेड गारमेंट सेक्टर से जुड़े कारीगर। सर्वाधिक संख्या महिलाओं की है। इन्हें 25-25 की समूह में बांटकर एक विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सरकार की तरफ से निशुल्क टूलकिट भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि सरकार ओडीओपी के तहत चयनित शिल्प/उद्यम के लिए हर प्रकार की सुविधा व संसाधन दे रही है। इससे जुड़कर अपने गांव-घर से ही कारोबार को नई ऊंचाई दी जा सकती है। शिल्पकार व कारीगरों की आत्मनिर्भरता के लिए ओडीओपी योजना एक वरदान की तरह है।
पूंजी, प्रशिक्षण, टूलकिट सबकुछ दे रही योगी सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स-सोशल मीडिया)
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन एंड रिसर्च की चेयरमैन क्षिप्रा शुक्ला, उद्योग उपायुक्त रवि कुमार शर्मा ने ओडीओपी के तहत सरकार की तरफ से मिल रही सेवाओं व सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। कई पुरस्कार प्राप्त टेराकोटा शिल्पकार और इस विधा के मास्टर ट्रेनर अखिलेश चंद का कहना है कि ओडीओपी के तहत योगी सरकार सबकुछ दे रही है। कारोबार शुरू करने को पूंजी अनुदान मिल रहा है। हुनर निखारने को प्रशिक्षण और व्यवहारिक रूप में काम शुरू कर देने को टूलकिट भी। काम करने को बस लगन चाहिए, बाकी सबकुछ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओडीओपी योजना से मिल रहा है।
ओडीओपी में शामिल होने के बाद बढ़ा टेराकोटा का दायरा
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स-सोशल मीडिया)
एक दौर तक टेराकोटा का दायरा गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के औरंगाबाद व आसपास के कुछ गांवों तक सीमित था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे जिले का ओडीओपी घोषित कर इसके उन्नयन के प्रयास किए तो अब इसका दायरा बढ़ने लगा है। कुछ सालों से पादरी बाजार क्षेत्र में भी टेराकोटा का काम होने लगा है तो अब चौरीचौरा क्षेत्र के राजी राजधानी, जगदीशपुर में भी कुछ माटी कलाकारों ने टेराकोटा शिल्प में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। प्रशिक्षण से उनके हुनर में और निखार आएगा और ओडीओपी स्कीम में अनुदान से वह भी अपना कारोबार चमका सकेंगे।