Russia-Ukraine War: रूस के समर्थन में आया अमेरिका का ये सबसे बड़ा दुश्मन देश, बतायी यूक्रेन पर हमले की वजह
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है ऐसे में उत्तर कोरिया (North Korea) ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे जंग पर संभवतः अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए रूस का पुरजोर समर्थन किया है।;
उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन: Photo - Social Media
New Delhi: रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia-Ukraine War) छिड़ने के बाद कूटनीतिक हलकों हलचल मची हुई है। दुनिया के विभिन्न देश अपने हितों को नाप-तौल कर इसे लेकर बयान दे रहे हैं। ऐसे में कुछ देश ऐसे भी हैं जो खुलेआम दोनों में से किसी एक पक्ष का समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन के समर्थक देश कौन हैं ये जगजाहिर है।
वहीं रूस के समर्थन में एक ऐसे देश ने बयान दिया है जो घोषित रूप से अमेरिका (America news) विरोधी रहा है। उत्तर कोरिया ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे जंग पर संभवतः अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए रूस का पुरजोर समर्थन किया है। तानाशाह किम जोंग ऊन की अगुवाई वाले इस देश ने यूक्रेन पर रूसी कार्रवाई को जायज ठहराया है।
अमेरिका को बताया यूक्रेन संकट का जिम्मेदार
रूस के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों की अगुवाई कर रहे अमेरिका (America) को नार्थ कोरिया (North Korea) ने यूक्रेन संकट (Ukraine crisis) के पीछे असली वजह बताया है। नार्थ कोरियाई विदेश मंत्रालय के आधिकारिक वेबसाइट पर इस विनाशकारी हालात के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसने रूसी सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए अपनी सैन्य महाशक्ति को दिखाने की कोशिश की है।
इस संकट के पीछे उसका मनमाना और दादागिरी वाला रवैया जिम्मेदार है। अमेरिका शांति औऱ सुरक्षा के नाम पर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है। लेकिन जब कोई दूसरा मुल्क अपनी सुरक्षा के लिए कोई ऐसा कदम उठाता है तो उसे नागवार गुजरता है। ये उसका दोहरा मापदंड है।
उत्तर कोरिया का मिसाइल का परीक्षण: Photo - Social Media
उत्तर कोरिया ने किया मिसाइल का परीक्षण (missile test)
रूस औऱ यूक्रेन के बीच चल रहे जंग के बीच तानाशाह किम (dictator kim) ने एक औऱ बड़ा धमाका किया है। करीब एक महीने तक चीन में हो रहे विंटर ओलंपिक के कारण खामोशी साध बैठा उत्तर कोरिया ने लंबी रेंज की मिसाइल का परीक्षण कर एकबार फिर उकसावे की कार्रवाई की है। उत्तर कोरिया इन मिसाइल परीक्षणों के जरिए अपने निकटतम प्रतिदवंदी दक्षिण कोरिया को डराना और धमकाना चाहता है। उसे इन परीक्षणों के लिए मदद चीन से मिलती रहती है।
वहीं रूस भी कई मौकों पर मानवीय संकट का हवाला देते हुए परमाणु हथियार से संपन्न नार्थ कोरिया से आर्थिक प्रतिबंधों को कम करने की मांग करता रहा है। ऐसे में उत्तर कोरिया रूस को इस महत्वपूर्ण दौर में समर्थऩ कर मित्रता का धर्म निभाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।