Submarine Titan: जानें टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली पनडुब्बी टाइटन के बारे में, जिसमें 5 लोगों ने गंवाई जान

Submarine Titan: रविवार सुबह महासागर में गायब हुआ पनडुब्बी टाइटन का मलबा गुरूवार सुबह खोजी अभियान में लगे कनाडाई दल को मिल गया।

Update:2023-06-23 11:20 IST
Submarine Titan (photo: social media )

Submarine Titan: 110 साल से अधिक समय होने होने के बावजूद आज भी विशाल टाइटैनिक जहाज के अटलांटिक महासागर में डूबने की घटना को बड़ी त्रासदी के रूप में याद किया जाता है। सालों पहले इस पर बनी चर्चित हॉलीवुड फिल्म को आज भी दर्शकों द्वारा खूब प्यार मिलता है। इन दिनों एक दुर्घटना को लेकर टाइटैनिकफिर से खबरों में है। टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली कंपनी के पनडुब्बी में सवार लोगों के साथ वहीं दुखद घटना हुई, जैसा कि 1912 में टाइटैनिक जहाज में सवार लोगों के साथ हुआ था।

रविवार सुबह महासागर में गायब हुआ पनडुब्बी टाइटन का मलबा गुरूवार सुबह खोजी अभियान में लगे कनाडाई दल को मिल गया। बचाव दल के मुताबिक, पनडुब्बी का मलबा एक सदी पहले डूबे टाइटैनिक जहाज के मलबे से लगभग 1600 फीट दूर मिला। टाइटन में सवार में पांचों में से किसी को बचाया न जा सका। टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली कंपनी ओशनगेट ने इस दुखद हादसे में पांचों लोगों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है।

कैसा था टाइटन पनडुब्बी ?

साल 2022 से लोगों को टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली कंपनी ओशनगेट ने इस काम के लिए एक खास पनडुब्बी टाइटन तैयार की थी। एक छोटी कैप्सूल के आकार वाली इस पनडुब्बी में अधिकतम पांच लोगों के बैठने की क्षमता थी। यह 6.7 मीटर लंबी, 2.8 मीटर चौड़ी और 2.5 मीटर ऊंची थी। इसमें बैठने के लिए कोई सीट नहीं बल्कि एक सपाट फर्श है। इसके अंदर लोगों के लिए पैर पसारने तक की जगह नहीं थी। पनडुब्बी में 96 घंटे की ऑक्सीजन के साथ-साथ सीमित मात्रा में भोजन-पानी उपलब्ध रहता था।

अटलांटिक महासागर की 12,500 फीट गहराई में स्थित टाइटैनिक को दिखाने एवं वापस सतह पर आने की पूरी यात्रा 8 घंटे की है। मलबे तक जाने में दो घंटे, उसे देखने के लिए चार घंटे, फिर वहां से वापस आने में 2 घंटे लगते थे। पनडुब्बी में 21 इंच व्यास की एक खिड़की होती थी, जिसके जरिए अंदर बैठे लोग मलबे को देखा करते थे।

एक महीने पहले शुरू कर दी जाती थी तैयारी

इस रोमांचक सफर पर निकलने वाले पर्यटकों की तैयारी कंपनी एक माह पहले शुरू कर देती थी। इस ड्यूरेशन में उन्हें यात्रा के लिए तैयार किया जाता था। टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली कंपनी ओशनगेट इस यात्रा के लिए प्रति यात्री 2.50 लाख डॉलर यानी करीब 2 करोड़ रूपये से अधिक चार्ज करती थी। कंपनी की वेबसाइट पर जाकर कोई भी टाइटैनिक टूरिज्म के लिए अपना स्लॉट बुक करा सकता है। टाइटैनिक टूरिज्म के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाता है। इसलिए इसके लिए कुछ एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया तय किया है, जिसपर खड़ा उतरने के बाद ही उन्हें यात्रा पर ले जाया जाता है।

- 18 साल से अधिक उम्र होना जरूरी।

- एक सप्ताह पनडुब्बी में रहन की क्षमता हो।

- पानी के अंदर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हों।

- 6 फीट की सीढ़ी पर तेजी से चढ़ने और 10 किलो वजन उठाने की क्षमता हो।

- कनाडा का पासपोर्ट वीजा जरूरी।

हादसे में कंपनी के सीईओ की भी गई जान

पनडुब्बी टाइटन में सवार पांच यात्रियों में से एक टाइटैनिक टूरिज्म कराने वाली कंपनी ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश भी थे। इसके अलावा ब्रिटिश अरबपति हैमिश हार्डिंग, पनडुब्बी के फ्रांसीसी ड्राइवर पॉल हेनरी, पाकिस्तानी-ब्रिटिश अरबपति शहजादा दाऊद और उनके पुत्र सुलेमान सवार थे।

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